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Sonipat 29 साल बाद मिला न्याय, 7 साल पुरानी पारिवारिक कड़वाहट भी हुई खत्म

विशेष लोक अदालत ने संवाद और सहमति से सुलझाए दो पुराने विवाद

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विशेष लोक अदालत में संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से वर्षों से अदालतों की फाइलों में उलझे दो पुराने विवादों का समाधान हो गया। एक ओर जहां करीब 29 वर्ष पुराने भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामले में वारिसों को न्याय मिलने का रास्ता साफ हुआ, वहीं दूसरी ओर सात वर्षों से संपत्ति विवाद में उलझे दो सगे भाइयों के बीच भी समझौता हो गया। दोनों मामलों ने एक बार फिर साबित किया कि संवाद की शक्ति कई बार लंबी मुकदमेबाजी से कहीं अधिक प्रभावी होती है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सोनीपत में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आयोजित विशेष लोक अदालत में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव प्रचेता सिंह के नेतृत्व में दोनों मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया। इस पहल से न केवल पक्षकारों को राहत मिली, बल्कि न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास भी और मजबूत हुआ।

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‘विवाद से संवाद, संवाद से समाधान’ का उदाहरण

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डीएलएसए सचिव प्रचेता सिंह ने कहा कि यह दोनों मामले वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली की सफलता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। विशेष लोक अदालतों का उद्देश्य केवल मामलों का निपटारा करना नहीं, बल्कि पक्षकारों को सम्मानजनक, त्वरित और कम खर्चीला न्याय उपलब्ध कराना भी है। इन सफल समझौतों ने यह संदेश दिया कि कई बार अदालतों की लंबी लड़ाई से बेहतर रास्ता आपसी संवाद और सहमति का होता है। विशेष लोक अदालत ने एक बार फिर विवाद से संवाद और संवाद से समाधान की अवधारणा को सार्थक करते हुए यह साबित किया कि न्याय केवल फैसलों से नहीं, बल्कि रिश्तों और अधिकारों की पुनर्स्थापना से भी मिलता है।

तीन दशक के इंतजार के बाद मिलेगा वैधानिक मुआवजा

विशेष लोक अदालत में डायरी संख्या 12244/2024 के तहत करीब 29 वर्ष से लंबित भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद का निपटारा किया गया। डीएलएसए, मध्यस्थों और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के निरंतर प्रयासों से पक्षकारों के बीच सहमति बनी। समझौते के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 12 जुलाई 2023 के निर्णय के अनुरूप मुआवजा राशि जारी करने पर सहमति व्यक्त की। इससे दिवंगत राजेश बाल के विधिक उत्तराधिकारियों को करीब तीन दशक बाद उनका वैधानिक अधिकार मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया। लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद न्याय की उम्मीद पूरी होने से परिवार में संतोष का माहौल दिखाई दिया।

27.70 लाख रुपये में सुलझा भाइयों का संपत्ति विवाद

विशेष लोक अदालत में सात वर्ष से लंबित एक पारिवारिक संपत्ति विवाद का भी सफल समाधान हुआ। यह मामला दो सगे भाइयों बारू राम और अंत राम के बीच चल रहा था। मध्यस्थता और लगातार संवाद के माध्यम से दोनों पक्षों को एक मंच पर लाया गया, जिसके बाद वे 27.70 लाख रुपये के पूर्ण एवं अंतिम समझौते पर सहमत हो गए। समझौते के साथ ही वर्षों से चली आ रही कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई। साथ ही परिवार में बनी दूरियों को भी कम करने का रास्ता खुला और रिश्तों में फिर से मधुरता लौटने की उम्मीद जगी।

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