भिवानी में आयोजित समाधान शिविर में पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दो अलग-अलग शिकायत पत्र देकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और नगर परिषद पर लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनहित की अनदेखी के आरोप लगाए।
ईश्वर सिंह मान ने उपायुक्त को दिए पहले शिकायत पत्र में बताया कि भीम स्टेडियम के मुख्य द्वार से लेकर कृषि विज्ञान केंद्र और रामबाग तक जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह वही स्टेडियम है जहां से देश के कई होनहार खिलाड़ी और सेना के जवान निकलते हैं। इसी कारण भिवानी को “मिनी क्यूबा” भी कहा जाता है, लेकिन आज यहां लगभग आधा किलोमीटर तक गंदगी के अंबार लगे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर 2026 में पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन करीब ढाई महीने बीत जाने के बाद भी नगर परिषद या सफाई ठेकेदार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और शहर की स्थिति लावारिस जैसी हो गई है।
खस्ता सड़क का मुद्दा उठाया
दूसरे मामले में मान ने तालु से मुढ़ाल जाने वाली सड़क की खस्ता हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सड़क के दोनों ओर सरकंडे, झुंड और काबुली कीकर की झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। मान के अनुसार जब उन्होंने इस बारे में संबंधित एक्सईएन से बात की तो अधिकारी ने झाड़ियां कटवाने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी की ओर से कहा गया है कि हिसार की एक फर्म को झाड़ियां साफ करने का ठेका दिया गया है, लेकिन मौके पर अब तक कोई काम नजर नहीं आया। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि ठेकेदार को कितनी राशि का भुगतान किया गया है।
इसके अलावा मान ने आरोप लगाया कि हांसी गेट से जोगी वाला मंदिर तक लोहे की करीब 40 रेलिंग चोरी हो चुकी हैं और भीम स्टेडियम की दीवार के पास लगे सीमेंट ब्लॉक उखाड़कर दूसरी जगह लगा दिए गए हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है।
ईश्वर सिंह मान ने कहा कि सड़क किनारे झाड़ियों को हटाने के लिए सिर्फ ट्रैक्टर से हल्की कटाई करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जेसीबी मशीन से उन्हें जड़ से उखाड़ना होगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा कि भिवानी को स्वस्थ और विकसित बनाने के दावे केवल विज्ञापनों तक सीमित हैं। जब समाधान शिविरों में कई बार शिकायत देने के बाद भी अधिकारियों की ओर से सुनवाई नहीं होती, तो आम जनता कहां जाए।
पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने खोला मोर्चा, टेंडर के नाम पर घोटाले का आरोप

