सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद क्षत्रिय राजपूत समाज के डीएनए में : नरेश चौहान
आरएसएस के शताब्दी वर्ष में सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हरियाणा राजपूत प्रतिनिधि सभा ने स्वागत एवं समर्थन किया है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सभा के कार्यवाहक अध्यक्ष राव नरेश...
आरएसएस के शताब्दी वर्ष में सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हरियाणा राजपूत प्रतिनिधि सभा ने स्वागत एवं समर्थन किया है।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सभा के कार्यवाहक अध्यक्ष राव नरेश चौहान राष्ट्रपूत ने प्रेषित ज्ञापन में उल्लेखित किया कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद क्षत्रिय राजपूत समाज के डीएनए में शामिल है। सामाजिक समरसता व राष्ट्रवाद को व्यवहारिक तथा शासकीय जामा पहनाने के लिए संविधान में प्रदत्त अनुच्छेद 243 डी व 243 टी में प्रदत्त पंचायत स्थानीय निकाय की तर्ज पर अनुच्छेद 330 व 332 में भी लोकसभा-विधानसभा सीटों का वंचित वर्ग के लिए आरक्षण रोटेशन के आधार पर किए जाने तथा संविधान के अनुच्छेद 80 में राज्यसभा के लिए साहित्य, विज्ञान, कला, समाज सेवा क्षेत्र के लिए नामांकित की जाने वाली 12 सीटों में शहीद परिवारों के लिए दो सीट जोड़कर इसकी संख्या 14 करने के लिए सभा द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है। सभा के इस अभियान को संघ द्वारा संरक्षण प्रदान करने का ज्ञापन में पुरजोर आग्रह किया है।
संविधान निर्माताओं का डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में इन सीटों के आरक्षण बारे मूल भाव यही रहा होगा कि सीटों का रोटेशन से आरक्षण होने पर वंचित समाज को सामान्य वर्ग के बीच सामाजिक समरसता न केवल बढ़ाने अपितु वंचित समाज को स्वर्ण समाज में प्रवेश करने का भी मार्ग प्रशस्त होगा। देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवार जनों को साहित्य, कला, विज्ञान, समाज सेवा क्षेत्र की विभूतियों के साथ राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वालों के परिजनों को भी राज्यसभा में प्रतिनिधित्व प्रदान करने से राष्ट्रवाद एक नारे से बढक़र सहज ही प्रत्येक नागरिक के जीवन को प्रेरणा प्रदान करेगा।

