सिद्धचक्र महामंडल मानव कल्याण का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक : गुप्ति सागर महाराज
सात दिवसीय सिद्धचक्र चौबीस महामंडल आराधना का शुभारंभ
उपाध्याय गुप्तिसागर महाराज ने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल जैन धर्म का ही नही बल्कि विश्व व मानव कल्याण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतीक है, जो आत्मा की शुद्धि, कर्म निर्जरा और मोक्ष मार्ग की साधना का सशक्त माध्यम माना जाता है।
जैन मुनि बुधवार को गुप्ति धाम में सात दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र चौबीस महामंडल आराधना पूजा ध्वजारोहण पर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चौबीस महामंडल आराधना के माध्यम से तीर्थंकरों, सिद्धों, आचार्यों, उपाध्यायों एवं साधुओं के गुणों का चिंतन कर साधक अपने जीवन को धर्ममय बनाता है जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होगी। उन्होंने कहा कि गुप्ति धाम में आयोजित यह महामंडल आराधना न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखती है।
इससे पहले उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज और ब्रह्मचारी रंजना शास्त्री के सानिध्य में जिन शासन के सबसे बड़े 108 फीट ध्वज को फहराया गया। ध्वजारोहण दिवाकर जैन, प्रकाशचंद जैन व नागराज जैन ने किया, जबकि विद्यासागर महाराज के चित्र के अनावरण व दीप प्रज्वलन आईपीएस अंशुल जैन के पिता नरेंद्र जैन, राम गोपाल और अमित जैन ने संयुक्त रूप से किया।
गुप्ति धाम के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश कुमार जैन ने बताया कि सिद्धचक्र चौबीस महामंडल पूजा विश्व व मानव कल्याण के लिए बहुत बड़ी पूजा है। विधिवत पूजा-अर्चना कर आत्मकल्याण की भावना से हजारों लोग इसमें सहभागी बनेंगे। इस मौके पर अमित जैन, मुकेश जैन, पवन जैन, वीरेंद्र जैन व दीपक जैन समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

