पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जाट शिक्षण संस्था से जुड़े कॉलेजियम चुनाव विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए विश्वविद्यालय द्वारा लगाई गई रोक को रद्द कर दिया है। जस्टिस जगमोहन बंसल की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि जिला रजिस्ट्रार को कॉलेजियम चुनाव को अमान्य घोषित करने का अधिकार नहीं है। अदालत के इस आदेश के बाद जाट शिक्षा समिति द्वारा संचालित तीन कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के चुनाव अब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 मई 2026 को होंगे। यह जानकारी चुनाव अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह राणा ने दी।
राणा ने बताया कि अदालत ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय को चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देने तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक बाधा न उत्पन्न करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेशानुसार, 6 मई को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। प्रक्रिया के लिए विश्वविद्यालय की ओर से कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रो. राहुल ऋषि को ऑब्जर्वर बनाया गया है।
अदालत ने चेतावनी दी कि भविष्य में चुनाव प्रक्रिया में रुकावट डालने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
चुनाव अधिकारी के अनुसार, जाट कॉलेज, महारानी किशोरी कॉलेज और सीआर बीएड कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के 11-11 सदस्यों एवं स्टाफ प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए मतदान 17 मई को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। मतदान के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस चुनाव में केवल विधिवत निर्वाचित कॉलेजियम सदस्य ही मतदान कर सकेंगे। मतदाताओं को पहचान के लिए संस्था द्वारा जारी पहचान पत्र तथा आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।
डॉ. राणा ने सभी पात्र मतदाताओं से निर्धारित समय पर उपस्थित होकर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है।

