तालाब का जीर्णोद्धार या अतिक्रमण पर पर्दा!
गांव समचाना में आधे मल्लाह तालाब पर कब्जे, खाली हिस्से में खुदाई
गांव समचाना के मल्लाह तालाब पर आधे से ज्यादा हिस्से पर अवैध कब्जे बने हैं। केवल खाली जमीन में खुदाई कराए जाने से पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के बजाय औपचारिक दिखावा किया जा रहा, जबकि प्रशासन भ्रष्टाचार के चरम पर उदासीन है। इस संबंध में उपायुक्त रोहतक को लिखित शिकायत भी दी गई है। ग्रामीण बताते हैं, तालाब-जोहड़ पर कब्जे अवैध हैं। पहले इन्हें हटाते तो असली बहाली होती। जिला प्रशासन को शिकायतें दीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं।
इस संबंध में उपायुक्त रोहतक को लिखित शिकायत भी दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि गांव समचाना के जोहड़ मल्लाह की भूमि पर लगभग 26 व्यक्तियों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। न्यायालय रोहतक के आदेश के तहत अवैध कब्जा हटाने के नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक जमीन को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया।
अवैध कब्जा तुरंत हटाने तथा निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरपंच की मिलीभगत से कब्जा हटाने के बजाय जोहड़ की खुदाई और चारदीवारी करवाई जा रही है। आवेदन में न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए अवैध कब्जा तुरंत हटाने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जोहड़ और सार्वजनिक गली की जमीन पर किया गया कब्जा पूरी तरह अवैध होता है और इसे नियमित नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद वर्षों से बने अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा।
ग्रामीणों के अनुसार थोड़ी सी बरसात होते ही मल्लाह तालाब भर जाता है और उसका पानी आसपास के घरों में घुसने लगता है। तालाब से सटी बाल्मिक बस्ती की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो जाती है, जहां बरसात के दिनों में जलभराव के कारण लोगों को अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ता है और बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
मामले में सिंचाई विभाग के एसई सतपाल सिंह ने कहा कि कार्य स्वीकृत ड्राइंग के अनुसार किया जा रहा है। विस्तृत जानकारी देखने के बाद ही अधिक स्पष्ट टिप्पणी की जा सकती है।
तालाब की खुदाई का कार्य देख रहे एक्शन अरुण कुमार ने कहा कि उनके संज्ञान में अवैध अतिक्रमण से संबंधित कोई विशेष जानकारी नहीं आई है और विभागीय योजना के अनुसार ही काम कराया जा रहा है।
संबंधित एसडीओ ने बताया कि कुछ लोगों से पूछताछ की गई थी, जिन्होंने जमीन की रजिस्ट्री होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत से प्राप्त जानकारी के आधार पर कार्य कराया जा रहा है।

