सफ़ीदों फैक्ट्री अग्निकांड में मृतकों के परिजनों ने ठुकराए राहत के चेक
12 मजदूर महिलाओं ने गंवाई थी जान, सीएम से मिलने पर अड़े
फैक्ट्री अग्निकांड में झुलसकर जान गंवाने वाली 12 महिला मजदूरों के परिजनों ने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित पांच-पांच लाख रुपए की राहत के चेक लेने से इनकार कर दिया और मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़ गये। जिला प्रशासन के अधिकारी परिजनों को चेक देने के लिए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस बुलाया था। लोक निर्माण विश्रामगृह में इस मौके पर विधायक रामकुमार गौतम, डीसी मोहम्मद इमरान रजा, एडीसी प्रदीप कौशिक, एसडीएम पुलकित मल्होत्रा व डीएसपी गौरव शर्मा उपस्थित थे। राहत चेक वितरण के लिए प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को विश्रामगृह बुलवाया था। विधायक व अधिकारियों से उनकी एकांत में लंबी बात हुई। आखिर में परिजनों ने चेक लेने से मना कर दिया और वापस लौट गए। मृतक महिलाओं के परिजन पुलिस प्रशासन पर फैक्ट्री के मालिकों के खिलाफ गंभीर धाराएं नहीं जोड़ने का आरोप भी लगा रहे थे। उनका कहना था कि इसी कारण इतने गंभीर मामले में भी कई आरोपियों को जमानत मिल गई है। उन्होने कहा कि प्रशासन पर उन्हें भरोसा नहीं है। वे मुख्यमंत्री से ही सीधे बात करेंगे। पीड़ित परिवारों के कई लोगों ने विधायक रामकुमार गौतम के रवैये पर भी सवाल उठा दिए। बता दें कि 7 मार्च को यहां एक अवैध विस्फोटक फैक्ट्री में आग लग गई थी। आगजनी के समय डेढ़ दर्जन के करीब महिला मजदूर व कई पुरुष फैक्ट्री में मौजूद बताए गए। एकमात्र गेट बाहर से बंद होने के कारण महिलाएं झुलस गई। अनेक महिलाओं को आसपास के लोगों ने फैक्ट्री की दीवार तोड़कर बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल पहुंचाया। कई महिलाओं ने छत से कूदकर जान बचाई। पहले दिन ही 4 महिलाओं की मौत हो गई और उपचाराधीन 8 और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। अब एक और उपचाराधीन महिला की हालत भी चिंताजनक बताई गई है।

