Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

राजभवन पहुंचा सीआरएसयू की शोध उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण, राज्यपाल ने किया लोकार्पण

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष द्वारा चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) जींद की अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग विवरणिका का लोकार्पण किया गया। यह विवरणिका विश्वविद्यालय द्वारा विगत वर्षों में स्थापित वैश्विक शैक्षणिक सहभागिताओं, हस्ताक्षरित सहमति-पत्रों, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं तथा...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष को सीआरएसयू की शोध उपलब्धियों का विवरण देते हुए कुलगुरू प्रो. रामपाल सैनी। -हप्र
Advertisement

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष द्वारा चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) जींद की अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग विवरणिका का लोकार्पण किया गया। यह विवरणिका विश्वविद्यालय द्वारा विगत वर्षों में स्थापित वैश्विक शैक्षणिक सहभागिताओं, हस्ताक्षरित सहमति-पत्रों, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं तथा उल्लेखनीय शोध उपलब्धियों का समग्र, तथ्यात्मक एवं प्रामाणिक अभिलेख प्रस्तुत करती है।

लोकार्पण अवसर पर कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने राज्यपाल को विवरणिका भेंट करते हुए विश्वविद्यालय की वैश्विक अनुसंधान प्रगति, अंतरराष्ट्रीय सहभागिताओं की दिशा एवं भावी रणनीतिक कार्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष को पुष्पगुच्छ अर्पित कर सम्मानित किया गया।

Advertisement

विवरणिका में भारत–जापान उच्च शिक्षा अभियान के अंतर्गत जापान की प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे क्योटो विश्वविद्यालय, ओसाका महानगरीय विश्वविद्यालय, कंसाई विश्वविद्यालय, टोक्यो विश्वविद्यालय, सोफिया विश्वविद्यालय तथा जापान बाह्य व्यापार संगठन के साथ स्थापित शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग का विस्तृत विवरण सम्मिलित है।

Advertisement

इन सहभागिताओं के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, विद्यार्थी एवं प्राध्यापक विनिमय कार्यक्रमों तथा वैश्विक शैक्षणिक संपर्क के विस्तार को गति मिली है, जिससे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मानकों और शोध क्षमता में गुणात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों आर्माडो जे. एल. पोम्बेइरो तथा ब्रिज मोहन के साथ भी अनुसंधान सहयोग स्थापित किया है। ये वैज्ञानिक पुर्तगाल स्थित इंस्टिट्यूटो सुपीरियर टेक्निको तथा लिस्बन विश्वविद्यालय के संरचनात्मक रसायन विज्ञान केंद्र से संबद्ध हैं। इस सहयोग से उन्नत प्रयोगशाला संसाधनों तक पहुंच, संयुक्त प्रकाशन तथा अनुसंधान प्रशिक्षण के अवसर सृजित हुए हैं।

सीआरएसयू के कुलगुरु प्रो. रामपाल सैनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए विवरणिका में विश्वविद्यालय के एक प्रमुख शोध कार्य उच्च कार्यक्षमता वाले तेल–जल पृथक्करण हेतु एम-एक्सीन तथा धातु–कार्बनिक ढाँचा आधारित पदार्थ के प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था एल्सेवियर की उच्च श्रेणी की शोध पत्रिका सेपरेशन एंड प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी में स्वीकृत होने का उल्लेख है।

सीआरएसयू की शोध उपलब्धि इन विषयों पर

यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण, विशेषत: औद्योगिक अपशिष्ट से तेल–जल पृथक्करण जैसी तकनीकी चुनौतियों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बहु-संस्थागत शोध में आरडब्ल्यूटीएच आखेन विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर तथा पंजाब विश्वविद्यालय का सहयोग प्राप्त हुआ।

प्रो. रामपाल सैनी ने बताया कि विवरणिका में लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय उपकरण प्रयोगशाला की स्थापना की महत्वाकांक्षी योजना का उल्लेख है, जिसका उद्देश्य अंत:विषयी अनुसंधान को प्रोत्साहन देना, शोधार्थियों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना तथा उद्योग अकादमिक सहभागिता को सुदृढ़ करना है। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

Advertisement
×