गोकशी की सूचना पर पुलिस व गौरक्षा दल पर हमला , फायरिंग व पथराव, 15 नामजद
नूंह जिले के तावडू उपमंडल के गांव पीपाका में गोकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम और गौ रक्षा दल के सदस्यों पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस दौरान हिरासत में लिए गए एक आरोपी...
नूंह जिले के तावडू उपमंडल के गांव पीपाका में गोकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम और गौ रक्षा दल के सदस्यों पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस दौरान हिरासत में लिए गए एक आरोपी को हमलावरों ने छुड़ा लिया। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में 15 नामजद आरोपियों सहित 10–15 अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बुधवार-गुरुवार की रात गौ रक्षा दल के सदस्यों ने सूचना दी कि गांव पीपाका निवासी कासम पुत्र जुम्मा अपने घर पर गोकशी कर गौमांस बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम गौ रक्षा दल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर कासम, उसके दोनों बेटे और पत्नी मौके से फरार हो गए, जबकि पप्पू नामक व्यक्ति को मौके से काबू कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि मौके से गौमांस, गोकशी के औजार, तराजू-बांट और एक मोटरसाइकिल बरामद की जा रही थी। इसी दौरान 20–25 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई, जिसने पुलिस वाहन और गौ रक्षा दल की गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। आरोप है कि भीड़ ने पथराव किया और अवैध हथियार से फायरिंग भी की। हमले के बीच आरोपी पप्पू को छुड़ाकर हमलावर एक स्विफ्ट और एक ऑल्टो कार में फरार हो गए। मौके से एक खाली कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
15 नामजद आरोपियों पर मामला दर्ज
सदर थाना पुलिस ने 15 नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और हरियाणा गौवंश संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
वहीं ग्रामीणों और आरोपी पक्ष ने पुलिस के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि गौ रक्षा दल के सदस्य बिना पुलिस के पहले ही जबरन मकान में घुस गए थे, जिससे विवाद हुआ। ग्रामीणों ने फायरिंग से भी इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
तावडू के डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने कहा कि पुलिस ने साक्ष्यों और बरामदगी के आधार पर कार्रवाई की है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

