खिलाड़ियों का सम्मान समारोह- राष्ट्रीय मंच पर दिखाया दम, गांवों में हुआ स्वागत
खिलाड़ियों का सम्मान समारोह-खेल प्रतिभाओं की धरती भिवानी ने एक बार फिर देशभर में अपना परचम लहराया है। गांव कलिंगा और खरक के उन खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की नेटबॉल प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर...
खिलाड़ियों का सम्मान समारोह-खेल प्रतिभाओं की धरती भिवानी ने एक बार फिर देशभर में अपना परचम लहराया है। गांव कलिंगा और खरक के उन खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की नेटबॉल प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस मौके पर 12 खाप के प्रधानों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
गांव कलिंगा स्थित श्रीबालाजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल व श्रीबालाजी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स अकादमी के होनहार खिलाड़ी तरुण परमार और यश परमार को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं गांव खरक में खिलाड़ी लवली और कशिश के स्वागत में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी खिलाड़ियों को पारंपरिक माला, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
खिलाड़ियों का सम्मान समारोह-इन खिलाड़ियों ने जीते मेडल
हाल ही में नेशनल नेटबॉल चैंपियनशिप में इन खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। तरुण परमार ने मिक्स नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड और जूनियर फास्ट फाइव में ब्रॉन्ज पदक जीता। यश परमार ने जूनियर ट्रेडिशनल स्पर्धा में सिल्वर हासिल किया। लवली ने जूनियर फास्ट फाइव में सिल्वर पदक जीता, जबकि कशिश ने ट्रेडिशनल और मिक्स दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
खाप प्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने युवाओं से नशे और कुरीतियों से दूर रहकर खेलों को अपनाने का आह्वान किया। शिक्षाविदों ने भी खेलों को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।
प्राचार्य ने की सराहना
विद्यालय के प्राचार्य बजरंग तंवर और संचालिका रेणुका शर्मा ने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित करता है।
समारोह में उपस्थित अभिभावकों और गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों के संघर्ष और मेहनत की सराहना की। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
Live Matches
दूरदृष्टा, जनचेतना के अग्रदूत, वैचारिक स्वतंत्रता के पुरोधा एवं समाजसेवी सरदार दयालसिंह मजीठिया ने 2 फरवरी, 1881 को लाहौर (अब पाकिस्तान) से ‘द ट्रिब्यून’ का प्रकाशन शुरू किया। विभाजन के बाद लाहौर से शिमला व अंबाला होते हुए यह समाचार पत्र अब चंडीगढ़ से प्रकाशित हो रहा है।
‘द ट्रिब्यून’ के सहयोगी प्रकाशनों के रूप में 15 अगस्त, 1978 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून व पंजाबी ट्रिब्यून की शुरुआत हुई। द ट्रिब्यून प्रकाशन समूह का संचालन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
हमें दूरदर्शी ट्रस्टियों डॉ. तुलसीदास (प्रेसीडेंट), न्यायमूर्ति डी. के. महाजन, लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. ज्ञानी, एच. आर. भाटिया, डॉ. एम. एस. रंधावा तथा तत्कालीन प्रधान संपादक प्रेम भाटिया का भावपूर्ण स्मरण करना जरूरी लगता है, जिनके प्रयासों से दैनिक ट्रिब्यून अस्तित्व में आया।
- Reach us
- Dainik Tribune online
- Dainik Tribune Epaper
- Dainik Tribune App - Android
- Dainik Tribune App - ios
- The Tribune Epaper
- The Tribune App - Android
- The Tribune App - iOS
- Punjabi Tribune online
- Punjabi Tribune Epaper
- Punjabi Tribune App - Android
- Punjabi Tribune App - iOS
- Subscribe To Print Edition
- Contact Us
- About Us
- Code of Ethics

