अधिकारी ज्यादा समय तक नहीं रोक पाएंगे फाइलें

चीफ इंजीनियर की कार्यशैली पर सवाल उठाने के बाद कमिश्नर का फरमान

अधिकारी ज्यादा समय तक नहीं रोक पाएंगे फाइलें

गुरुग्राम, 20 जुलाई (हप्र)

नगर निगम में विकास कार्यों से संबंधित फाइलों को अब अधिकारी एक निर्धारित समय तक ही अपने पास रोककर रख सकेंगे। इसके बाद इन्हें संबंधितों को बुलाकर समाधान करवाना सुनिश्चित करना होगा। पार्षदों द्वारा चीफ इंजीनियर की कार्यशैली पर उठाए सवालों और तीखे विरोध के बाद निगम कमिश्नर ने इस संबंध में व्यवस्था बनाने का वादा किया है।

एक बैठक में निगम पार्षदों ने कमिश्नर मुकेश कुमार आहूजा और मेयर मधु आजाद की मौजूदगी में चीफ इंजीनियर की कार्यशैली पर सवाल उठाया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि चीफ इंजीनियर लंबे समय तक प्रोजेक्ट्स की फाइलों को लटकाए रखते हैं तथा न तो इन्हें रिजेक्ट करते हैं और न ही अप्रूवल देते हैं। निगम पार्षद रविंद्र यादव ने आरोप लगाया जब से उन्होंने ने बतौर चीफ इंजीनियर निगम में कार्यभार संभाला है तब से सभी प्रोजेक्ट्स की फाइलों को अपने दफ्तर में रोककर रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे आॅब्जेक्शन लगा दिए जाते हैं जिनका कोई वाजिब कारण ही नहीं। पार्षदों ने कहा कि छह-छह महीने से फाइलें उनके दफ्तर में लटकी हैं लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। पार्षद उनके दफ्तर के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं लेकिन वह कोई सुनवाई नहीं कर रहे। इस बीच चीफ इंजीनियर ने कहा कि अधिकारी कुछ गैर जरूरी कार्यों के प्रोजेक्ट बना लाते हैं या ऐसे प्रोजेक्ट पास करवा लिए जाते हैं जिन्हें धरातल पर बनाया ही नहीं जाता। ऐसे में संभलकर फाइलें पास की जा रही हैं। इस पर पार्षदों ने उन्हें फिर घेर लिया। 

इस बीच पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि चीफ इंजीनियर के कार्यालय से सिर्फ पैसे वाली फाइलों को ही पास किया जा रहा है। बैठक में पार्षदों ने इसके अनेक उदाहरण भी दिए तथा चेतावनी दी कि सरकार की छवि खराब करने वाले खेल नगर निगम में नहीं खेलने दिए जाएंगे। 

बैठक में यह सवाल भी उठाया गया कि जब एक महीने से चीफ इंजीनियर कार्यालय ही नहीं आ रहे तो उनका चार्ज किसी और अधिकारी को देने में क्या दिक्कत है। आखिर एक महीने तक सरकारी काम क्यों लटकार रखे गए। 

पार्षदों के तीखे सुरों और चीफ इंजीनियर को घिरता देख निगम कमिश्नर मुकेश कुमार आहूजा ने पार्षदों से वादा किया कि अगले कुछ ही दिनों में नई व्यवस्था तैयार कर ली जाएगी। इसके तहत निर्धारित अवधि तक ही अधिकारी अपने पास प्रोजेक्ट संबंधी फाइलें रख सकेंगे। इसके बाद अधीनस्थ अधिकारियों या संबंधितों को बुलाकर फाइल आगे  बढ़ानी पड़ेगी।

पार्षदों के काम न रोकें : डिप्टी मेयर

डिप्टी मेयर सुनीता यादव ने कहा कि आपके अधिकारी ही गड़बड़ी कर रहे हैं तो उसमें पार्षदों का क्या दोष। उनके प्रोजेक्टस क्यों रोके जा रहे हैं। उन्होंने चीफ इंजीनियर को सलाह दी कि इंजीनियरिंग विंग के अफसरों पर नकेल लगाइये लेकिन पार्षदों के काम न रोके जाएं। 

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