पोल खुलने का डर

अफसरों ने विधायकों को रखा सीएम से दूर

अफसरों ने विधायकों को रखा सीएम से दूर

नवीन पांचाल/हप्र

गुरुग्राम, 3 मई 

कोरोना संक्रमण के विस्तार से निपटने की रणनीति व संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अधिकारियों के साथ बैठक से चारों विधायकों को प्रशासनिक अधिकारियों ने जान बूझकर दूर रखा। विधायकों को प्रशासन की ओर से फोन पर सीएम की बैठक की सूचना नहीं दी गई, ऐन मौके पर सिर्फ मेल कर अधिकारियों ने खानापूर्ति कर ली। नाराज विधायकों ने सोमवार सुबह सीएम से मुलाकात कर वास्तविक हालात उनके समक्ष रखे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कोरोना के कहर से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर की गई तैयारियों की जमीनी हकीकत जानने के लिए रविवार की शाम को गुरुग्राम पहुंचे थे। इस बैठक में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा मेयर मधु आजाद व जिलाध्यक्ष गार्गी कक्कड़ ही पहुंची थी। हैरत की बात यह है कि चारों विधायकों में से कोई भी बैठक में नहीं दिखा। दरअसल, हाल ही में गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला ने प्रशासन को पंगू व कोरोना से निपटने की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं कर पाने के लिए जिम्मेदार बताते हुए इसकी शिकायत केंद्र सरकार के साथ-साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से कर दी थी। ऐसे में अफसरों को इस बात का भय था कि आंकड़ों की बाजीगिरी से मुख्यमंत्री को लुभाने के उनके प्रयासों में विधायक कहीं खलल न डाल दें। एक विधायक ने माना कि ‘अफसरों ने जान बूझकर मुख्यमंत्री की बैठक से उन्हें दूर रखने का प्रयास किया।’ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक देर शाम तक चली। मुख्यमंत्री के द्वारा बैठक लिए जाने की भनक लगते ही ये सोमवार की सुबह उनसे मिलने पहुंच गए। गुरुग्राम में भाजपा के तीन (गुड़गांव से सुधीर सिंगला, पटौदी से सत्यप्रकाश जरावता व सोहना से संजय सिंह) विधायक हैं जबकि बादशाहपुर से निर्दलीय चुनाव जीते राकेश दौलताबाद की सरकार में हिस्सेदारी है। डीसी डाॅ यश गर्ग ने विधायकों को सूचना देने से संबंधित सवाल का कोई जवाब नहीं दिया।

''सूचना ई मेल से दी गई थी और जब ई-मेल देखा तब तक देर हो चुकी थी। सुबह रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री से मिलकर सारे हालातों से उन्हें अवगत करवा दिया है। मैं निजी स्तर पर भी प्रयासों में जुटा हुआ हूं ताकि त्राहि-त्राहि कर रहे लोगों को राहत पहुंचा सकूं। अफसरों को रवैया ज्यादा अच्छा नहीं है। हालात सुधारने के लिए मुख्यमंत्री को कुछ सुझाव भी दिए हैं।''

-सत्यप्रकाश जरावता, विधायक पटौदी

''ई-मेल पर मिली सूचना देरी से देख पाया इसलिए बैठक की जानकारी नहीं मिल पाई। मुख्यमंत्री से निजी तौर पर मुलाकात कर जमीनी हकीकत के बारे में विस्तार से बता दिया। न तो मरीजों को अस्पतालों में बेड मिल पा रहे हैं और न ही आॅक्सीजन। रेमेडेसिविर इंजेक्शन तो जैसे गायब ही हो गया है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि अगले दो दिनों में सारी व्यवस्था सही हो जाएगी।''

-सुधीर सिंगला, विधायक गुड़गांव

''जिस समय बैठक का मैसेज मिला उस समय मैं खुद फील्ड में था और राहत के उपायों में लगा हुआ था। मैं नियमित अपनी टीम के साथ ग्राउंड पर काम कर रहा हूं। सीएम से निजी स्तर पर मिलकर मदद मागी है, उन्होंने वादा भी किया है।''

-संजय सिंह, विधायक सोहना

''सीएम के अधिकारियों की बैठक लेने का मैसेज तो मिला था लेकिन मैं खुद कोरोना पाॅजेटिव हूं। इसलिए चाहकर भी बैठक में नहीं जा सकता था। लेकिन हालातों को लेकर लगातार मुख्यमंत्री के संपर्क में हूं।''

-राकेश दौलताबाद, विधायक बादशाहपुर

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