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निकिता हत्या मामला : किडनैपिंग में तौसीफ और माता-पिता बरी, सबूत नहीं पेश कर सकी पुलिस

एडिशनल सेशन जज अजय शर्मा की कोर्ट ने निकिता मर्डर केस में आरोपी तौसीफ और उसके माता-पिता को किडनैपिंग केस में बरी कर दिया है। 26 अक्टूबर 2020 को मर्डर से पहले तौसीफ ने 2 अगस्त 2018 को निकिता को...

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एडिशनल सेशन जज अजय शर्मा की कोर्ट ने निकिता मर्डर केस में आरोपी तौसीफ और उसके माता-पिता को किडनैपिंग केस में बरी कर दिया है। 26 अक्टूबर 2020 को मर्डर से पहले तौसीफ ने 2 अगस्त 2018 को निकिता को किडनैप किया था। निकिता के पिता मूलचंद की शिकायत पर शहर बल्लभगढ़ थाने में किडनैपिंग का केस दर्ज किया गया था। बाद में समझौता होने पर केस बंद कर दिया गया था।

तौसीफ ने निकिता पर शादी का दबाव बनाया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके चलते 26 अक्टूबर 2020 को तौसीफ ने बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज के बाहर निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मर्डर के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज किडनैपिंग केस को फिर से खोला और जांच शुरू की।

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जांच के दौरान पुलिस ने तौसीफ के पिता जाकिर हुसैन और मां असमीना को भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया था। बाद में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। तब से यह केस कोर्ट में पेंडिंग है। 24 मार्च, 2021 को एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने तौसीफ और उसके साथी रेहान को दोषी ठहराया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। उन्होंने इस सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है, जहां ट्रायल अभी पेंडिंग है।

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तौसीफ के वकील अनवर खान ने कहा कि पुलिस तौसीफ और उसके माता-पिता के खिलाफ किडनैपिंग के सबूत पेश नहीं कर पाई। इसलिए कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।

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