नीरू ढांडा के डबल धमाल से गांव, खाप में जश्न
एशियाई खेलों में व्यक्तिगत शॉटगन के बाद ट्रैप मिक्स्ड शूटिंग टीम इवेंट में भी जीता स्वर्ण पदक
संगतपुरा गांव की बेटी नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में व्यक्तिगत शॉटगन शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने का बाद अब ट्रैप मिक्स्ड शूटिंग टीम इवेंट में अपने साथी खिलाड़ी क्यानन चेनाई के साथ खेलते हुए भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। एशियन गेम्स में नीरू का यह दूसरा स्वर्ण पदक है। बुधवार को जैसे ही नीरू के दूसरा स्वर्ण पदक जीतने की खबर गांव संगतपुरा पहुंची, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। नीरू की इस दोहरी स्वर्णिम कामयाबी पर पूरे गांव और ढांडा खाप में जश्न का माहौल है। नीरू की माता सुदेश देवी ने भावुक होते हुए बताया कि बेटी की इस सफलता से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। मीडिया वालों ने जब उसे नीरू के दूसरा गोल्ड जीतने की खबर दी, तो उसकी छाती गर्व से चौड़ी हो गई। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से खुशी के मारे उसे भूख भी नहीं लग रही है। अपनी आंख में आए आंसुओं को लेकर सुदेश देवी ने कहा कि ये खुशी के आंसू हैं। सुदेश देवी ने बताया कि जाने से पहले उसने बेटी के लिए घर के देसी घी का चूरमा और ताजा मक्खन भेजा था। नीरू उस समय बेंगलुरू में थी और उसने चूरमे की इच्छा जताई थी। मां ने जींद बस स्टैंड से बस के जरिए चूरमा दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचाया, जहां से नीरू को वह मिला। नीरू के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कठिन रही है। पिता सुरेश कुमार एक हादसे में अपाहिज हो गए थे। परिवार के पास रहने को पक्का मकान तक नहीं है और वे आज भी छोटे से मकान में रहते हैं। मां सुदेश देवी ने पशुओं का दूध बेच-बेचकर बेटी के खेल और डाइट का खर्चा उठाया।

