नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तीकरण का कदम : प्रतिभा सुमन
कहा- सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगा अधिनियम
हरियाणा महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक है, जो महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीति की निर्माता बनने की दिशा मे सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक संशोधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आधार है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण अब केवल समानता या प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना समय की मांग है। पूर्व चेयरमैन प्रतिभा सुमन शनिवार को पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने वैश्विक शोध का हवाला देते हुए कहा कि यदि लैंगिक असमानता को कम किया जाए तो विश्व अर्थव्यवस्था में लगभग 7 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि संभव है।
उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के कारण माध्यमिक शिक्षा स्तर पर लड़कियों का नामांकन बढ़कर 80.2 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वर्ष 1952 में लोकसभा में केवल 22 महिलाएं थीं, जो 2024 में बढ़कर 75 हो गई हैं, जबकि राज्यसभा में महिलाओं की भागीदारी 17 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इस अवसर पर भाजपा की प्रदेश सचिव रेनू डावला, अनिता बुधवार, वीना सिक्का सहित अन्य महिला पदाधिकारी भी उपस्थित रहीं।

