बारिश से सरसों, गेहूं की फसल बर्बाद
पिछले दो दिनों से हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। नई अनाज मंडी में फसल लेकर आये किसानों की खून-पसीने की कमाई वर्षा में बह गई। खुले आसमान के नीचे रखी...
पिछले दो दिनों से हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। नई अनाज मंडी में फसल लेकर आये किसानों की खून-पसीने की कमाई वर्षा में बह गई। खुले आसमान के नीचे रखी सरसों फसल को वे अपनी आंखों के सामने बर्बाद होते देखने को मजबूर हुए। यदि मार्किट कमेटी ने वर्षा की संभावना को देखते हुए फसल बचाव के पुख्ता इंतजाम किये होते तो किसानों को आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। अनाज मंडी में पहुंचे गांव कालूवास के किसान धर्म प्रकाश यादव व कमलेश पासवान ने कहा कि मार्किट कमेटी के अधिकारियों ने उनकी फसल को ढकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किये है। बुधवार व बृहस्पतिवार को हुई तेज वर्षा व ओलावृष्टि ने उनकी नींद उड़ा दी है। उनकी फसल की बोली लग चुकी थी लेकिन उठान नहीं हुआ था। अधिकारी अब कहते हैं कि फसल सूखने के बाद लेंगे, अन्यथा घर ले जाओ। मार्किट कमेटी के सचिव मनीष कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि बुधवार को 7 हजार क्विंटल सरसों मंडी में आई थी। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले आढ़तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर दो दिन की वर्षा व ओलावृष्टि से खेतों में गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। सरसों की फसल कुछ किसानों ने काट ली है और कुछ किसानों की खेतों में पड़ी है। वर्षा से इनको भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि लगभग 50 प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है। सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन जीवनराम गर्ग ने कहा कि उनके गांव बलवाड़ी सहित खंड खोल के दो दर्जन से अधिक गांवों में वर्षा से भारी तबाही हुई है। गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। इस बारे में बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार को अवगत करवा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही क्षतिग्रस्त फसलों का जायजा लेने के लिए गांवों का दौरा करेंगे।
