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नगर परिषद के कर्मचारियों ने की हड़ताल, शहर में कूड़े के ढेर

सिर्फ वेतन की नहीं, वजूद व आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ रहे सफाई कर्मचारी : पुरुषोत्तम

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भिवानी में शुक्रवार को धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी। -हप्र
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हरियाणा के शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। गलियां सड़ रही हैं, बाजार बदबू मार रहे हैं, लेकिन सरकार की चुप्पी टूटने का नाम नहीं ले रही है।

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर प्रदेश की नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आज 9वें दिन में प्रवेश कर गई है। यह अब केवल एक हड़ताल नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों के खिलाफ आर-पार की जंग बन चुकी है।

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हड़ताल के कारण प्रदेश के रिहायशी इलाकों से लेकर मुख्य बाजारों तक कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं। डस्टबिन ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल चुके हैं। आलम यह है कि आम जनता का सड़कों पर निकलना मुहाल हो गया है, लेकिन अपनी मांगों के लिए अड़े कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी सुध नहीं लेती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।

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नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ वेतन की नहीं, हमारे वजूद और आत्मसम्मान की है। सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन कड़वा सच यह है कि वर्ष 1997 से लेकर 2026 तक सफाई और सीवर कर्मचारियों की कोई नई पक्की भर्ती नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में पक्की भर्ती और नियमितीकरण, जोखिम भत्ता 5 हजार, समान सुविधा, पुरानी पेंशन, शहीद अग्निशमन कर्मचारियों (रणवीर व भवीचन्द) के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, 8 अप्रैल से हड़ताल पर चल रहे फायर ब्रिगेड कर्मियों की सभी मांगें पूरी हो सहित आदि मांगेें हैं।

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