वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में तैयारियां, निगमायुक्त ने की समीक्षा
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वार्षिक कार्ययोजना पर गुरुग्राम में प्रभावी ढंग से कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को निगम कार्यालय में निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वायु गुणवत्ता सुधार, सड़क धूल नियंत्रण,...
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वार्षिक कार्ययोजना पर गुरुग्राम में प्रभावी ढंग से कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को निगम कार्यालय में निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वायु गुणवत्ता सुधार, सड़क धूल नियंत्रण, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, ट्रैफिक प्रबंधन तथा प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी से जुड़े विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई। वायु गुणवत्ता की निरंतर निगरानी के लिए वर्तमान में उपलब्ध 3 वायु गुणत्ता निगरानी केन्द्र की संख्या बढ़ाकर 8 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 5 अतिरिक्त स्टेशनों का गैप चिन्हित किया गया है और दिसंबर, 2026 की समयसीमा निर्धारित की गई है। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में वायु गुणवत्ता की स्थिति की निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को अधिक डेटा आधारित बनाने में मदद मिलेगी।
सड़क धूल को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम द्वारा मैकेनिकल रोड स्वीपिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अनुसार कुल 404.61 किलोमीटर सडक़ नेटवर्क को मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए उपयुक्त पाया गया है। वर्तमान में 24 मशीनें उपलब्ध हैं। इन मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 600 किलोमीटर से अधिक 4-लेन सडक़ कवरेज का प्रावधान है। मशीनें मुख्य रूप से रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक संचालित होती हैं।

