स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सिविल सर्जन से मिले बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी
स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित मांगों व समस्याओं के समाधान को लेकर बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली से मिला। यह बैठक स्वास्थ्य प्रशासन के निमंत्रण पर आयोजित की गई, जिसमें एसोसिएशन की राज्य उपप्रधान...
स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित मांगों व समस्याओं के समाधान को लेकर बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली से मिला। यह बैठक स्वास्थ्य प्रशासन के निमंत्रण पर आयोजित की गई, जिसमें एसोसिएशन की राज्य उपप्रधान सुदेश रानी के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा।
बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में जिला प्रधान प्रदीप लाठर, जिला सचिव गुरनाम सिंह, वित्त सचिव अमरजीत और राज्य उपप्रधान सुदेश रानी ने बताया कि एसोसिएशन ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों को ऑनलाइन रूप से संचालित करने के लिए मोबाइल सिम, लैपटॉप, टैब, मोबाइल सेट और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की। इसके अलावा वर्ष 2020 से 2023 तक की ब्लॉक एलटीसी का लाभ सभी एमपीएचडब्ल्यू व एमपीएचएस कर्मचारियों को देने, एसीपी के लंबित मामलों का शीघ्र निपटान करने तथा एनएचएम और नियमित महिला एमपीएचडब्ल्यू को समय पर वेतन देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
रिक्त पदों पर भर्ती करने समेत अन्य मांगें
एसोसिएशन ने अर्बन पीएचसी में महिला एमपीएचडब्ल्यू से अन्य श्रेणियों का कार्य न करवाने, रिक्त पदों पर भर्ती करने, टीकाकरण कार्य के लिए हब कटर की व्यवस्था करने तथा प्रत्येक कार्यक्रम के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बजाय संस्था स्तर पर मल्टीपरपज प्रोग्राम ऑफिसर नियुक्त करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना के तहत बकाया मानदेय भुगतान, पहचान पत्र जारी करने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का समय पर भुगतान, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने तथा उप स्वास्थ्य केंद्रों पर सफाई कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की मांग रखी गई।
जिला सचिव गुरनाम सिंह ने बताया कि सिविल सर्जन ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और निश्चित समय सीमा में समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। उच्च स्तर से जुड़ी मांगों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे जाने की भी बात कही गई।

