परिषद में बजट पर चर्चा के दौरान आक्रामक दिखीं विधायक गीता भुक्कल
परिषद को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा, सेटिंग-गेटिंग का चल रहा है खेल
झज्जर नगर परिषद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल आक्रामक तेवर में नजर आईं। उन्होंने परिषद को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए आरोप लगाया कि यहां सेटिंग-गेटिंग का खेल चल रहा है और आम जनता के मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
परिषद की यह बैठक 2026-27 का बजट पास करने के लिए बुलाई गई थी, लेकिन इस बैठक के दौरान काफी हंगामा देखने को मिला। पूर्व मंत्री भुक्कल ने कहा कि परिषद द्वारा दर्जनभर वकील नियुक्त किए गए, लेकिन उनका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि वकीलों पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन शहर के विकास कार्यों में कोई सुधार नहीं दिखा।
बजट चर्चा के दौरान उन्होंने एक बार फिर श्रीराम शर्मा पार्क का मामला उठाया और कहा कि इस प्रोजेक्ट में भी भारी खर्च हुआ, लेकिन जनता को कोई फायदा नहीं मिला।
चैयरमैन की कार्यशीली पर विधायक गीता भुक्कल ने उठाये सवाल
विधायक गीता भुक्कल ने नगर परिषद चेयरमैन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पावर नहीं होने के कारण चेयरमैन अधिकारियों के सामने असहाय नजर आते हैं और अधिकारियों का बचाव करते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि परिषद के बजट सत्र में भ्रष्टाचार के साथ-साथ शहर की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। उनका आरोप था कि कई पार्षदों को यह तक नहीं पता कि बजट का पैसा कब और कहां खर्च होता है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि झज्जर के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और इसका जिम्मेदार नगर परिषद है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 का बजट पास होने के बावजूद पूरा खर्च नहीं किया जा सका। उन्होंने शहर में बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि आवारा पशु और बंदरों से आमजन परेशान हैं, जबकि परिषद में केवल बड़े-बड़े बिल पास किए जा रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से शहर के विकास और पारदर्शिता के मुद्दे को आगे भी उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज शहर के पार्कों के बुरे हालात हैं। सीवरेज व्यवस्था, गलियां, नालियां यहां तक कि कूड़ा डालने के डंपिंग प्वाइंट भी ठीक ढंग से नहीं हैं, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने शहर के हालात बद से बदतर होने का ठीकरा नगर परिषद के अधिकारियों के सिर पर फोड़ा।

