Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

परिषद में बजट पर चर्चा के दौरान आक्रामक दिखीं विधायक गीता भुक्कल

परिषद को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा, सेटिंग-गेटिंग का चल रहा है खेल

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
 झज्जर नगर परिषद की बैठक के दौरान कई मुद्दों को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगते हुए स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री गीता भुक्कल।-हप्र
Advertisement

झज्जर नगर परिषद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल आक्रामक तेवर में नजर आईं। उन्होंने परिषद को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए आरोप लगाया कि यहां सेटिंग-गेटिंग का खेल चल रहा है और आम जनता के मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

परिषद की यह बैठक 2026-27 का बजट पास करने के लिए बुलाई गई थी, लेकिन इस बैठक के दौरान काफी हंगामा देखने को मिला। पूर्व मंत्री भुक्कल ने कहा कि परिषद द्वारा दर्जनभर वकील नियुक्त किए गए, लेकिन उनका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि वकीलों पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन शहर के विकास कार्यों में कोई सुधार नहीं दिखा।

Advertisement

बजट चर्चा के दौरान उन्होंने एक बार फिर श्रीराम शर्मा पार्क का मामला उठाया और कहा कि इस प्रोजेक्ट में भी भारी खर्च हुआ, लेकिन जनता को कोई फायदा नहीं मिला।

Advertisement

चैयरमैन की कार्यशीली पर विधायक गीता भुक्कल ने उठाये सवाल

विधायक गीता भुक्कल ने नगर परिषद चेयरमैन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पावर नहीं होने के कारण चेयरमैन अधिकारियों के सामने असहाय नजर आते हैं और अधिकारियों का बचाव करते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि परिषद के बजट सत्र में भ्रष्टाचार के साथ-साथ शहर की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। उनका आरोप था कि कई पार्षदों को यह तक नहीं पता कि बजट का पैसा कब और कहां खर्च होता है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि झज्जर के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और इसका जिम्मेदार नगर परिषद है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 का बजट पास होने के बावजूद पूरा खर्च नहीं किया जा सका। उन्होंने शहर में बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि आवारा पशु और बंदरों से आमजन परेशान हैं, जबकि परिषद में केवल बड़े-बड़े बिल पास किए जा रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से शहर के विकास और पारदर्शिता के मुद्दे को आगे भी उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज शहर के पार्कों के बुरे हालात हैं। सीवरेज व्यवस्था, गलियां, नालियां यहां तक कि कूड़ा डालने के डंपिंग प्वाइंट भी ठीक ढंग से नहीं हैं, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने शहर के हालात बद से बदतर होने का ठीकरा नगर परिषद के अधिकारियों के सिर पर फोड़ा।

Advertisement
×