हरियाणा के नूंह व तावड़ू में शहरी विकास की दिशा में एक बार फिर उम्मीदें जगी हैं। नूंह विधायक चौधरी आफताब अहमद ने मंगलवार को पंचकूला में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर नूंह और तावडू में सेक्टर विकसित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खारे आईएएस सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नूंह व तावडू में जमीनें अधिगृहीत की: आफताब
बैठक के दौरान विधायक आफताब अहमद ने बताया कि नूंह, शाहपुर नंगली, पल्ला और फिरोजपुर नमक के किसानों की जमीन सेक्टर-1, 2 और 9 के विकास के लिए पहले ही अधिकृत की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कुछ किसानों को मुआवजा मिल चुका है, लेकिन कई किसानों को अब तक भुगतान नहीं हुआ है। विधायक ने मांग की कि जिन किसानों को मुआवजा लंबित है, उन्हें अदालत के आदेशानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा शीघ्र दिया जाए।
विधायक ने कहा कि उन्होंने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में भी नूंह में सेक्टर विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नूंह और तावडू में सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन एक दशक बीत जाने के बावजूद इन सेक्टरों का विकास नहीं हो सका।
आफताब अहमद ने हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एक्ट, 1977 का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून का उद्देश्य ‘नो प्रॉफिट, नो लॉस’ के आधार पर आम नागरिकों को सस्ती दरों पर विकसित भूखंड उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा ड्रा प्रणाली हटाकर नीलामी व्यवस्था लागू करने से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को नुकसान हो रहा है।
नूंह में सेक्टर विकास के लिये ली गई जमीनें सरकार ने रद्द की थी : विधायक
उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में नूंह और तावडू में सेक्टर विकास के लिए जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसे 2017 में भाजपा सरकार ने रद्द कर दिया। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस निर्णय को पलटते हुए अधिग्रहण रद्द करने की अधिसूचना को निरस्त कर दिया। इसके बाद सरकार के पास जमीन उपलब्ध है, इसलिए अब तय मुआवजा देकर सेक्टरों का विकास किया जाना चाहिए।
विधायक ने कहा कि जिन क्षेत्रों में सेक्टर प्रस्तावित हैं, वहां जिला लघु सचिवालय, शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज, यासीन मेव डिग्री कॉलेज और मानू संस्थान जैसे प्रमुख शैक्षणिक व प्रशासनिक संस्थान पहले से मौजूद हैं, जिससे इन सेक्टरों का महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने गुरुग्राम-फरीदाबाद के साथ-साथ नूंह और तावडू सहित 15 शहरों में 41 नए सेक्टर विकसित करने की घोषणा की है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे नूंह जिले में शहरी विकास की प्रक्रिया को नई गति मिलने की उम्मीद है।

