भिवानी स्थापना महोत्सव में समरस भारत का संदेश, उल्लेखनीय कार्यकर्ताओं का सम्मान
स्थानीय सांस्कृतिक सदन में सांस्कृतिक मंच द्वारा भिवानी स्थापना महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। ‘समरस भारत–सशक्त भारत’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप...
स्थानीय सांस्कृतिक सदन में सांस्कृतिक मंच द्वारा भिवानी स्थापना महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। ‘समरस भारत–सशक्त भारत’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु उपस्थित रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में रूट्स इन कश्मीर के संस्थापक सुशील पंडित ने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ।
भिवानी स्थापना महोत्सव-राष्ट्र सर्वोपरि
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि सामाजिक समरसता और भाईचारा ही भारतीय संस्कृति की पहचान है। हमें अपने जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को नहीं भूलना चाहिए। भारत विविधताओं के बावजूद एकजुट है और यही हमारी शक्ति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और समरस समाज ही सशक्त भारत की नींव है।
सुशील पंडित ने कहा कि छोटे-छोटे मतभेद भुलाकर देश की एकता के लिए कार्य करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर हमें आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के प्रति सजग रहना होगा। व्यक्ति की पहचान जन्म से नहीं, बल्कि कर्म से होती है।
सांस्कृतिक मंच के संस्थापक सदस्य जगतनारायण ने अतिथियों का स्वागत किया। पूर्व विधायक शशि रंजन परमार और बीके स्कूल बवानीखेड़ा के संस्थापक सुभाष कौशिक ने भी विचार रखे। प्राचार्या अनीता नाथ और डॉ. वंदना वत्स ने मंच संचालन किया।
अलंकरण समारोह में गिंदोड़ी देवी की स्मृति में नंदिनी बजाज, वैद्य सत्यनारायण शर्मा की स्मृति में सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य, चौ. दरियाव सिंह ढिल्लो की स्मृति में एडवोकेट सुमन शर्मा, नरेंद्र शर्मा की स्मृति में पुरुषोत्तम वाल्मीकि, ज्ञानचंद टुटेजा की स्मृति में के.के. वर्मा तथा फूलचंद शर्मा की स्मृति में नेवी अधिकारी रमेश चौहान देवसरिया को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में नगर परिषद प्रतिनिधि भवानी प्रताप सिंह, कर्नल गजराज सिंह, एडवोकेट रणविजय सिंह, रामदेव तायल, डॉ. बुद्धदेव आर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

