सगे भाइयों व उनकी मौसी को गोली मारने के दोषी को 10 साल कैद
-गांव खेवड़ा में गली में खड़ी गाड़ी हटाने को लेकर हुआ था विवाद
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एएसजे) डॉ. जसबीर सिंह ने गांव खेवड़ा में दो सगे भाइयों और उनकी मौसी को गोली मारने के आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी पर गली से गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद गोली मारने का आरोप था। अदालत ने दोषी को 10 साल कैद व 12 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है।
गली में गाड़ी को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना गली में खड़ी गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुई थी, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया था। 27 जून, 2020 को गांव खेवड़ा निवासी विकास ने मुकदमा दर्ज कराया था। विकास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह सुबह घर से बाइक लेकर परचून की दुकान पर जाने के लिए निकले थे।
घर के बाहर पड़ोसी की कार खड़ी होने के कारण उन्हें बाइक निकालने में दिक्कत हो रही थी। उन्होंने पड़ोसी गौरव से गाड़ी हटाने को कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया गया था।
बाद में जब वह अपनी कार निकालने लगा तो उनकी मौसी सरोज और बड़े भाई मोहन ने भी पड़ोसी गौरव व उसकी मां को टोक दिया। इसी बात पर कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी गौरव ने लाइसेंसी रिवाल्वर निकालकर फायरिंग कर दी। गोली मोहन के पेट के पास और सरोज के सीने के पास लगी थी। जब विकास बचने के लिए भागा था तो आरोपी ने उनका पीछा कर कमर में गोली मार दी थी। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गया था।
आरोपी गौरव के किया था गिरफ्तार
घटना के बाद तीनों घायलों को बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में राई थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी विवेक मलिक व तत्कालीन एसआई रणबीर सिंह की टीम ने आरोपी गौरव को 27 जुलाई, 2020 को को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयान को विश्वसनीय माना। एएसजे डॉ. जसबीर सिंह ने सुनवाई के बाद आरोपी गौरव को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे हत्या की कोशिश में 10 साल कठोर कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। साथ ही शस्त्र अधिनियम में छह माह कैद व दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है।

