लव मैरिज कानून में संशोधन और लिव-इन प्रावधान खत्म करने की मांग, खाप पंचायतों ने सौंपा ज्ञापन
जींद जिले की विभिन्न खाप पंचायतों ने लव मैरिज से जुड़े कानून में संशोधन और लिव-इन-रिलेशनशिप से संबंधित प्रावधानों को समाप्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में बृहस्पतिवार को खाप प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा को ज्ञापन...
जींद जिले की विभिन्न खाप पंचायतों ने लव मैरिज से जुड़े कानून में संशोधन और लिव-इन-रिलेशनशिप से संबंधित प्रावधानों को समाप्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में बृहस्पतिवार को खाप प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा को ज्ञापन सौंपा और आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर विधेयक लाने का अनुरोध किया।
ज्ञापन सौंपने वालों में माजरा खाप पंचायत, कंडेला खाप पंचायत और नरवाना खाप पंचायत के प्रतिनिधि शामिल थे। खाप पंचायतों ने मांग की कि लव मैरिज कानून में संशोधन कर माता-पिता की सहमति अनिवार्य की जाए। साथ ही एक ही गांव और एक ही गोत्र में विवाह पर रोक लगाने का प्रावधान किया जाए।
लिव इन कानून खत्म करने की भी उठाई मांग
खाप प्रतिनिधियों ने लिव-इन-रिलेशनशिप से जुड़े कानून को समाप्त करने की भी मांग की। उनका कहना है कि ऐसे प्रावधानों से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है और विभिन्न प्रकार के विवाद उत्पन्न हो रहे हैं।
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माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर सिंह सिद्धू, कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला, नरवाना खाप के प्रधान किताब सिंह मोर और महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि खाप पंचायतें लव मैरिज के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं, लेकिन मौजूदा कानूनी व्यवस्था से संतुष्ट भी नहीं हैं। उनका कहना है कि माता-पिता की सहमति से, गांव और गोत्र की परंपराओं का पालन करते हुए विवाह हो तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। इस दौरान समुंद्र फोर, दलेल सिंह सिहाग, कृष्ण सिहाग, सूरजभान जुलानी, महेंद्र सहारण और रघबीर नंबरदार सहित अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

