जींद बार एसोसिएशन का मतदान हुआ, मगर मतगणना टली, 24 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
जींद बार एसोसिएशन का कामकाज देखने के लिए बनेगी नई एडहॉक कमेटी
जींद बार एसोसिएशन के चुनाव शुक्रवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए, लेकिन बार एसोसिएशन की कमान किसके हाथ में जाएगी, इसका फैसला फिलहाल टल गया है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने मतगणना आगामी आदेशों तक स्थगित कर दी है। साथ ही, जिला बार एसोसिएशन का कामकाज चलाने के लिए नई एडहॉक कमेटी का गठन किया जाएगा।
एडहॉक कमेटी का गठन हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एस. रंधावा करेंगे।
चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट दलवीर शर्मा की देखरेख में संपन्न हुई। कुल 1399 सदस्यों में से 774 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रधान पद के लिए अरविंद लाठर और संजीत मलिक के बीच सीधा मुकाबला रहा। उप-प्रधान, सचिव और संयुक्त सचिव पदों के लिए भी आमने-सामने की टक्कर रही।
मतदान के दौरान पूर्व प्रधान विकास लोहान द्वारा दायर याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति गुरविंदर सिंह और न्यायमूर्ति रमेश कुमारी की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुना। अदालत ने कहा कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया जारी है, इसलिए मतदान पर रोक नहीं लगाई जा सकती। हालांकि, मतगणना पर फिलहाल रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 24 अप्रैल निर्धारित की गई है। इस तारीख तक मतगणना नहीं होगी।
पूर्व प्रधान द्वारा गठित कमेटी नहीं चलेगी, बनेगी नई एडहॉक कमेटी
खुद को कार्यवाहक अध्यक्ष बताते हुए विकास लोहान द्वारा गठित एडहॉक कमेटी अब मान्य नहीं होगी। उसकी जगह नई एडहॉक कमेटी बनाई जाएगी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एस. रंधावा ने कमेटी गठन में सहयोग की पेशकश की, जिसके बाद उन्हें इसके गठन के लिए अधिकृत किया गया।
शनिवार को आर.एस. रंधावा जींद पहुंचकर मतदान में प्रयुक्त बैलेट बॉक्स सुरक्षित रखवाएंगे और नई एडहॉक कमेटी का गठन करेंगे।
जींद बार एसोसिएशन के चुनाव में पहली बार इतना बड़ा विवाद
जिला बार एसोसिएशन के इतिहास में यह पहला अवसर है जब चुनाव को लेकर इतना बड़ा विवाद सामने आया है। मतदान से एक दिन पहले चुनाव कराने को लेकर जनमत-संग्रह (रेफरेंडम) हुआ था, जिसमें अधिकांश सदस्य शुक्रवार को चुनाव कराने के पक्ष में थे। मतदान संपन्न हो गया, लेकिन मतगणना फिलहाल स्थगित कर दी गई है।

