जी राम जी कानून मजदूरों को 125 दिन का रोजगार और हर सप्ताह मिलेगी मजदूरी : राव नरबीर सिंह
जी राम जी कानून मजदूरों को 125 दिन का रोजगार और हर सप्ताह मिलेगी मजदूरी। वन एवं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि अभी महेंद्रगढ़ में बनने वाली आईएमटी के लिए जमीन को लेकर विवाद है, अभी वहां...
जी राम जी कानून मजदूरों को 125 दिन का रोजगार और हर सप्ताह मिलेगी मजदूरी। वन एवं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि अभी महेंद्रगढ़ में बनने वाली आईएमटी के लिए जमीन को लेकर विवाद है, अभी वहां जमीन नहीं मिली है। जिस दिन जमीन पूरी मिल जाएगी, उसी दिन हम महेंद्रगढ़ में आईएमटी बनाने की घोषणा कर देंगे। इस बारे में उनकी विधायक कंवर सिंह से भी बात हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बनने वाली दस आईएमटी में से एक आईएमटी कोसली में बनेगी। इसके लिए जमीन लेने की प्रक्रिया जारी है। इससे रेवाड़ी जिला के लोगों के साथ-साथ दक्षिणी हरियाणा के लोगों को लाभ होगा। वे भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
जी राम जी कानून मील का पत्थर
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून-2025 (वीबी-जी राम जी) को बेहतर बताते हुए राव नरबीर सिंह ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी कानून’ विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इस कानून से मजदूरों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा और हर सप्ताह मजदूरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना को और बेहतर बनाने के लिए यह कार्य किया है। जो विपक्ष को रास नहीं आ रहा है। विपक्ष राम और भारत तथा नीति का विरोध कर रहे हैं, जबकि देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए हर व्यक्ति संकल्पित है। वीबी-जी राम जी अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए परिवर्तित की गई है। इससे भ्रष्टाचार खत्म होगा।
गरीब को रोजगार मिले
उन्होंने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। गरीब, जनजाति और पिछड़ा को रोजगार मिले, उसके लिए यह कानून आया है। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। यह पूरा बिल महात्मा गांधी जी की भावना के अनुरूप है और राम राज्य की स्थापना के लिए लाया जा रहा है।
'कांग्रेस और इंडी गठबंधन भगवान राम के नाम पर फैला रही नफरत'
राव नरबीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस कितनी भी साजिश रच ले, देश 2047 तक 'विकसित भारत' बन कर रहेगा। नई योजना में काम के दिन ज्यादा होंगे तो साथ ही मजदूरों को पारिश्रमिक भी जल्दी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा पर सबसे अधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। रोजगार योजना का नाम पहले से महात्मा गांधी जी के नाम पर नहीं था।
कांग्रेस की सरकार ने जब जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान नहीं था। इसी तरह, आवास योजना का नाम पहले ग्रामीण आवास योजना था, 1985 में इसका नाम बदल कर इंदिरा आवास योजना कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में मनरेगा में कोई ट्रांसपेरेंसी नहीं थी, अब इसमें रियल टाइम डेटा अपलोड होगा। जीपीएस और मोबाइल मॉनिटरिंग होगी और एआई के द्वारा फ्रॉड डिटेक्शन होगा। इससे सही लाभार्थियों को काम मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
चरणबद्ध और समय पर पूरे किये जाएंगे विकास कार्य : राव नरबीर
नए क़ानून के तहत फोकस 4 प्राथमिकताओं जल संबंधी कार्य, कोर-ग्रामीण बुनियादी ढांचा का निर्माण, आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा का निर्माण और खराब मौसम के कारण काम में कमी को कम करना है। इस योजना से जल सुरक्षा से खेती को बढ़ावा मिलेगा, सडक़ें और कनेक्टिविटी से बाज़ार में सुधार होगा, भंडारण और आजीविका संपत्तियां ग्रामीण आय में वृद्धि लाएगी और जलवायु अनुकूल कार्य गांवों को सशक्त बनाएंगे।
शिकायतों का समय पर, प्राथमिकता के आधार पर निपटारा बेहद जरूरी : राव नरबीर सिंह

