Jhajjar News : परशुराम भवन की आधारशिला कार्यक्रम में बवाल, ब्राह्मण सभा के महासचिव से मारपीट; विधायक कुलदीप वत्स पर आरोप
सियासी अखाड़ा बना धार्मिक कार्यक्रम, मंत्री के जाते ही शुरू हुई मारपीट
झज्जर के सेक्टर-9 में रविवार को भगवान परशुराम भवन की आधारशिला का कार्यक्रम उस समय जंग के मैदान में तब्दील हो गया, जब ब्राह्मण सभा के महासचिव और भाजपा नेता संत सुरहेती के साथ कुछ लोगों ने जमकर मारपीट की। इस घटना में संत सुरहेती गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए झज्जर के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने इस हमले का सीधा आरोप बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स और उनके समर्थकों पर लगाया है।
जानकारी के अनुसार, झज्जर ब्राह्मण सभा द्वारा सेक्टर-9 में भगवान परशुराम भवन की आधारशिला रखने के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे थे। जब तक मंत्री वहां मौजूद रहे, कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा। उनके जाते ही मंच से हुई किसी टिप्पणी के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते वहां लात-घूंसे चलने लगे।
विधायक पर साजिश के आरोप
मारपीट में घायल हुए भाजपा नेता संत सुरहेती और पूर्व विधायक नरेश शर्मा ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर विधायक कुलदीप वत्स को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व विधायक नरेश शर्मा ने हालांकि यह स्वीकार किया कि वे घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि यह पूरी कार्रवाई विधायक के इशारे पर की गई है। पीड़ितों ने झज्जर ब्राह्मण सभा के प्रधान राज शर्मा पर भी इस साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
कुलदीप वत्स की सफाई: 'मेरे नाम का फोबिया'
दूसरी ओर, विधायक कुलदीप वत्स ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को उनके नाम का 'फोबिया' हो गया है और राजनीतिक रंजिश के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। विधायक ने कहा, "मैं समाज के कार्यक्रम में गया था, लेकिन मारपीट किसने की, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। अगर आरोपों में सच्चाई है तो प्रमाण लाएं, मैं खुद कार्रवाई की सिफारिश करूंगा।" उन्होंने पूर्व विधायक नरेश शर्मा को भी नसीहत देते हुए कहा कि झूठे आरोप लगाने से पहले गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। फिलहाल, इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आयोजकों व प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है ताकि हिंसा शुरू करने वाले असली चेहरों की पहचान हो सके।

