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भिवानी जिले में सिंचाई व्यवस्था को किया मजबूत : श्रुति चौधरी

108 गांवों को लाभ, 174.48 करोड़ रुपये की लागत से 45 सिंचाई कार्य पूरे

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फोटो कैप्शन फाइल फोटो : सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी। फोटो संख्या : 31 अगस्त 08 पीजेपीजी, भिवानी।
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प्रदेश की कैबिनेट मंत्री एवं सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार भिवानी जिले और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई ढांचे को मजबूत करने, जल प्रबंधन में सुधार तथा बाढ़ से सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में भिवानी जिले में 174.48 करोड़ रुपये की लागत से 45 सिंचाई कार्य पूरे किए गए हैं, जिनका लाभ 108 गांवों को मिला है।

उन्होंने बताया कि पूर्ण किए गए कार्यों में नहरों, डिस्ट्रीब्यूटरी और माइनरों का पुनर्वास, री-मॉडलिंग एवं सुदृढ़ीकरण, भूमिगत पाइपलाइन बिछाने, गांवों के तालाबों में पानी भरने, उपचारित अपशिष्ट जल का सिंचाई के लिए उपयोग तथा जल निकासी और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अलावा पुलों और नहर संरचनाओं के निर्माण एवं सुधार सहित अन्य आवश्यक सिंचाई ढांचे को भी मजबूत किया गया है।

श्रुति चौधरी ने कहा कि इन कार्यों से सिंचाई नेटवर्क मजबूत हुआ है और कृषि के लिए पानी की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था में सुधार आया है। साथ ही, भूजल संरक्षण, जलभराव में कमी, कृषि भूमि एवं आबादी वाले क्षेत्रों की सुरक्षा तथा उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी इन परियोजनाओं से मदद मिलेगी।

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‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ के तहत प्रमुख परियोजनाएं

मंत्री ने कहा कि ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ परियोजना के तहत किसानों को पर्याप्त और समय पर नहरी पानी उपलब्ध करवाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। इसके तहत बुटाना ब्रांच के लिए करीब 211.45 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का प्रावधान किया गया है। वहीं, भिवानी सब ब्रांच की री-मॉडलिंग के लिए करीब 75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कार्य को मंजूरी दी गई है।

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उन्होंने बताया कि इन कार्यों को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और इन्हें वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भिवानी और चरखी दादरी जिलों में सिंचाई जल की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है।

भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी, दादरी फीडर, दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी और बोंड डिस्ट्रीब्यूटरी से जुड़े क्षेत्रों के किसानों को अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद सिंचाई नेटवर्क का लाभ मिलेगा। इससे सिंचाई जल की बेहतर शेड्यूलिंग एवं वितरण, नहर प्रणाली की मजबूती और कृषि गतिविधियों को दीर्घकालिक आधार मिलेगा।

बाढ़ और जलभराव की रोकथाम पर भी जोर

श्रुति चौधरी ने कहा कि सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के साथ जल निकासी व्यवस्था में सुधार तथा बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। फ्लड स्कीम के तहत करीब 6.20 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों को मंजूरी दी गई है।

इन कार्यों से अतिरिक्त वर्षा जल और बाढ़ के पानी की निकासी क्षमता में सुधार हुआ है। मजबूत किए गए नालों और जल निकासी ढांचे से भारी बारिश के दौरान पानी की तेज एवं प्रभावी निकासी में मदद मिलेगी, जिससे जलभराव का खतरा कम होगा।

उन्होंने कहा कि इन उपायों से कृषि खेतों, गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों को बाढ़ के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने तथा फसलों और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि 174.48 करोड़ रुपये की लागत से पूरे किए गए 45 सिंचाई कार्य खेती-किसानी से जुड़े समुदायों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएंगे। इनसे सिंचाई सुविधाओं में सुधार, कृषि उत्पादकता को बढ़ावा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती तथा क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार कृषि भूमि की सुरक्षा, जल की उपलब्धता में सुधार और हरियाणा के सतत विकास एवं समृद्धि के लिए सिंचाई, जल निकासी, बाढ़ सुरक्षा, भूजल संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी।

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