देश में ही बन रहे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सहायक उपकरण : वीरेंद्र कुमार
फरीदाबाद में एलिम्को के अत्याधुनिक सहायक उत्पादन केंद्र का उद्घाटन
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने शनिवार को फरीदाबाद में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के नवनिर्मित अत्याधुनिक सहायक उत्पादन केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की अतिरिक्त सचिव मनमीत कौर नंदा, संयुक्त सचिव राजीव शर्मा और एलिम्को सीएमडी प्रवीण कुमार, मनोज त्रिपाठी, शशि त्रिपाठी, अजय चौधरी मौजूद थे। केन्द्रीय मंत्रियों ने उत्पादन इकाई का विस्तृत अवलोकन किया और वहां बनी अत्याधुनिक सर्फेस माउंट टेक्नोलॉजी चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण किया। भारत में इन चिप्स का निर्माण दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो आयात पर निर्भरता कम कर स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देगा। लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह केंद्र केवल एक विनिर्माण इकाई नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों के सम्मान और स्वावलंबन का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 3डी प्रिंटिंग और स्वदेशी चिप निर्माण जैसी तकनीकों के माध्यम से अब भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सहायक उपकरण अपने ही देश में तैयार कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह इकाई न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे उत्तर भारत के दिव्यांगजनों के लिए जीवन रक्षक सिद्ध होगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक बनेगी। एलिम्को के सीएमडी प्रवीण कुमार ने अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि निगम अब नई कार्य-संस्कृति और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों के साथ देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से मिले प्रशासनिक सहयोगए अतिरिक्त सचिव श्रीमती मनमीत कौर नंदा के निरंतर मार्गदर्शन और बढ़ते बजट ने ’एलिम्को’ को नई ऊर्जा दी है, जिससे हम दिव्यांगजनों की सेवा बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य अतिथियों द्वारा क्षेत्र के दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इन उपकरणों में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, आधुनिक व्हीलचेयर और अन्य कृत्रिम अंग शामिल थे। इस वितरण समारोह के माध्यम से उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के लाभार्थियों को सुगमता से उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण प्राप्त हुए। समारोह का समापन सबका साथ, सबका विकास के मंत्र और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ।

