देसी गाय और प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय : आचार्य देवव्रत
रोहतक में गांव बहु अकबरपुर स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी एजुकेशन एंड रिसर्च में आयोजित कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा पहुंचे। इंटरनेशनल हरियाणा ब्रीड कैटल शो एंड एक्सपो 2026...
रोहतक में गांव बहु अकबरपुर स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी एजुकेशन एंड रिसर्च में आयोजित कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा पहुंचे। इंटरनेशनल हरियाणा ब्रीड कैटल शो एंड एक्सपो 2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने और देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
देसी गाय का दूध मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी : आचार्य देवव्रत
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि देसी गाय न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से जमीन बंजर होती जा रही है, जबकि गोबर और गोमूत्र आधारित जैविक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक के जरिए देसी नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया और संस्थान को 5 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने मंच पर ही देसी गाय का दूध निकालकर पशुपालकों को प्रेरित किया। इस मौके पर विभिन्न राज्यों से आए पशुओं का प्रदर्शन भी किया गया।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्राकृतिक खेती आज समय की मांग है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और लागत घटेगी। उन्होंने बताया कि सरकार देसी गाय पर 30 हजार रुपये की सब्सिडी और ऑर्गेनिक खेती के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है। कम पानी वाली फसलों पर 8 हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता भी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित की जा रही है और 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। साथ ही फव्वारा सिंचाई अपनाने और पराली न जलाने की अपील की।
कार्यक्रम में मेयर राम अवतार वाल्मीकि, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष सरवन गर्ग, संस्थान अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
देसी गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनायें किसान : आचार्य देवव्रत

