Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

मांगें नहीं मानी तो जनता को उठाना होगा नुकसान : सुमित गौड़

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का किया समर्थन

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
फरीदाबाद में मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुमित गौड़ हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन करते हुए। -हप्र
Advertisement

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की हड़ताल 27वें दिन में प्रवेश कर गई है। हरियाणा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़ ने मंगलवार को धरनास्थल पर पहुंचकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की आवाज सुनने के बजाय उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गई तो इसका सीधा नुकसान जनता को उठाना पड़ेगा। शहर में गंदगी बढ़ने और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से बीमारियां फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सरकार को हठधर्मिता छोड़कर तुरंत कर्मचारियों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी जायज मांगों का समाधान निकालना चाहिए। इस मौके पर हरियाणा कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री, प्रधान बलबीर बालगुहेर, बल्लभगढ़ से मगनबीर चौधरी, एडवोकेट शशांक जैन, सनी बादल, अजयबीर, मोनू चौधरी, फिरोज, विवेक शर्मा आदि अन्य साथी शामिल रहे। सुमित गौड़ ने नर सेवा नारायण सेवा की भावना के तहत अपनी ओर से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई।

सुमित गौड़ ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब केवल शहर के मुख्य इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के शहरों, कॉलोनियों और गांवों के लोग भी सफाई व्यवस्था को लेकर काफी परेशान हैं। सरकार को कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए, क्योंकि सफाई व्यवस्था सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले उन्होंने सीही गांव का दौरा किया था। वहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जगह-जगह जलभराव और सीवर भरे हुए हैं, जिसके कारण लोग बेहद परेशान हैं। गंदगी और जलभराव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं और बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। सुबह लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए निकलने, मंदिर जाने और पूजा.पाठ करने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

Advertisement

Advertisement

Advertisement
×