दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसे, दंपति समेत तीन की मौत
नूंह में रफ्तार का कहर जारी, 10 दिन में सात लोगों की जान गई
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात नूंह जिले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक दंपति समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र में राजस्थान के कमालपुरा महुवा निवासी दीपेंद्र अपनी पत्नी आशा उर्फ अपसरी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कार से दिल्ली जा रहे थे। रात करीब दो बजे एक्सप्रेसवे पर उनकी कार का टायर पंक्चर हो गया। दीपेंद्र ने वाहन को सड़क किनारे लगाकर पंचर ठीक करना शुरू ही किया था कि पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपेंद्र और उनकी पत्नी आशा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे में मृतक दंपति के पीछे तीन बेटियां और एक बेटा रह गए हैं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दूसरे हादसे में महिला की मौत
उसी रात नगीना थाना क्षेत्र के पास एक अन्य तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कार सवार एक महिला की मौत हो गई। महिला की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी पहचान करने में जुटी है।
10 दिन में सात मौतों से बढ़ी चिंता
एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते हादसों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 10 दिनों में अलग-अलग दुर्घटनाओं में सात लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे वाहन चालकों में दहशत का माहौल है।
पुलिस जांच में जुटी
हादसों की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही हादसों का मुख्य कारण सामने आ रहा है। क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन अब एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है, ताकि लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
Haryana: कैथल में दर्दनाक सड़क हादसा: एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, एक युवक घायल

