हकृवि ने बाजरा किस्म के लिए निजी कंपनी से किया समझौता
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय शक्तिवर्द्धक हाइब्रिड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ नॉन एक्सक्लूसिव लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। उपरोक्त समझौते के तहत विश्वविद्यालय द्वारा विकसित बाजरे की उन्नत किस्म एचएचबी-299 का बीज तैयार कर कंपनी किसानों तक पहुंचाएगी। कुलपति...
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय शक्तिवर्द्धक हाइब्रिड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ नॉन एक्सक्लूसिव लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। उपरोक्त समझौते के तहत विश्वविद्यालय द्वारा विकसित बाजरे की उन्नत किस्म एचएचबी-299 का बीज तैयार कर कंपनी किसानों तक पहुंचाएगी।
कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज की उपस्थिति में शक्तिवर्द्धक हाइब्रिड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग तथा कंपनी की ओर से सहायक निदेशक रजत आर्य ने हस्ताक्षर किए। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद अब कंपनी विश्वविद्यालय को लाइसेंस की फीस अदा करेगी जिसके तहत उसे बीज का उत्पादन व विपणन करने का अधिकार प्राप्त होगा। इसके बाद किसानों को भी इस उन्नत किस्म का बीज उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. पवन कुमार, मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. रमेश कुमार, बाजरा अनुभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव, डॉ. विनोद मलिक, बौद्धिक संपदा अधिकार इकाई के प्रभारी डॉ. योगेश जिंदल, डॉ. रेणू मुंजाल, डॉ. जितेन्द्र भाटिया, डॉ. अनुराग, डॉ. हर्षदीप तथा कंपनी के प्रतिनिधि डॉ. राज बहादुर व डॉ. परमजीत मौजूद रहे।
एचएचबी-299 की खासियत
उपरोक्त किस्म से अन्य किस्मों के मुकाबले अधिक पैदावार मिलती है। यह रोग-रोधी और अधिक लौह युक्त (73 पीपीएम) संकर किस्म है। इसके सिट्टे शंक्वाकार व मध्यम लंबे होते हैं। एचएचबी 299 किस्म 80-82 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। बेहतर देखभाल करने पर 49.0 मन प्रति एकड़ पैदावार देने की क्षमता रखती है। यह किस्म जोगिया रोग रोधी भी है।

