हिसार : पूर्व पार्षद ने 10 लाख में खरीदी बीएएमएस की डिग्री, गिरफ्तार
काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसन हरियाणा के रजिस्ट्रार ने पार्षद महेंद्र जुनेजा, 3 चिकित्सकों व एक अज्ञात के खिलाफ पंचकूला में दर्ज करवाया था मामला
करीब दस लाख रुपये में बिना दाखिला व बिना पढ़ाई के खानपुर स्थित छत्रपति शाहु जी महाराज विश्वविद्यालय से बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसन एंड सर्जरी) की फर्जी डिग्री हासिल करने के करीब तीन साल पुराने मामले में पंचकूला पुलिस ने हिसार के पटेल नगर निवासी नगर निगम के पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेता महेंद्र कुमार जुनेजा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पूर्व पार्षद को पंचकूला की अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब महेंद्र जुनेजा ने काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन हरियाणा से पंजीकरण के लिए आवेदन किया। पूर्व पार्षद महेंद्र कुमार जुनेजा काफी सालों से हिसार के पटेल नगर में अपना क्लीनिक संचालित कर रहे थे।
इस बारे में 12 मई, 2023 को पंचकूला के सेक्टर-5 थाना पुलिस ने काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन हरियाणा के रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश शर्मा की शिकायत पर पार्षद महेंद्र कुमार जुनेजा, अंबाला के सेक्टर-7 निवासी डॉ. बंसल, डॉ. नवीन, डॉ. करण सरना और एक अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया था।
मामले के अनुसार पार्षद महेंद्र कुमार जुनेजा के नाम 11 अप्रैल, 2022 के रजिस्ट्रेशन नंबर 28194 के तहत रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नंबर 14496 जारी किया गया। इसके बाद हिसाार के दवा नियंत्रक अधिकारी (डीसीओ) ने इस सर्टिफिकेट की वेरिफिकेशन के लिए 30 अगस्त, 2022 और 27 अक्तूबर, 2022 को दो बार काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसन हरियाणा को पत्र लिखा।
जब इस सर्टिफिकेट का कार्यालय के रिकॉर्ड से मिलान किया गया तो पता चला कि यह सर्टिफिकेट 6 अप्रैल, 2022 को डॉ. नीलम के नाम से जारी किया गया था। इसके बाद 29 नवंबर, 2022 को हिसार डीसीओ को इस बारे में सूचना दे दी कि यह रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट फर्जी है और डॉ. महेंद्र कुमार जुनेजाा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही काउंसिल ने 29 नवंबर, 2022 को महेंद्र कुमार जुनेजा को पत्र लिखकर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए काउंसिल के मुख्यालय बुलाया। इसके बाद गत 6 दिसंबर, 2022 को महेंद्र कुमार जुनेजा काउंसिल गए और लिखित बयान दिए। बयान में महेंद्र जुनेजा ने कहा कि 5-6 साल पहले उनके बेटे ने राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के लिए आवेदन किया था और ऑनलाइन फॉर्म भरते हुए उसके बेटे ने उसका मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया था। इसके बाद चंडीगढ़ से डॉ. बंसल ने उससे संपर्क किया और कहा कि वह हरियाणा से उसको बीएएमएस का ओरिजनल सर्टिफिकेट दिलवा सकता है और इसके लिए उसने उससे दस लाख रुपये मांगे। इसके बाद पांच लाख रुपये उसको दे दिए और पांच लाख सर्टिफिकेट मिलने के बाद देने के लिए कहा।
इसके बाद डॉ. नवीन और डॉ. बंसल ने उसको पंचकूला के माजरी चौक पर बुलाया और बाकी के पांच लाख रुपये ले लिए और उसको खानपुर स्थित छत्रपति शाहु जी महाराज विवि से जारी प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष का सर्टिफिकेट और काउंसिल आफ इंडियन मेडिसन हरियाणा द्वारा 11 अप्रैल, 2022 को 28194 के तहत जारी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नंबर 14496 दे दिया। महेंद्र कुमार जुनेजा ने बयान में बताया था कि डॉ. बंसल, काउंसिल में कार्यरत डॉ. नवीन और डॉ. कर्ण सरना और एक अज्ञात व्यक्ति इस तरह के काफी सर्टिफिकेट जारी करने में शामिल हैं। डॉ. नवीन यहां तक दावा करता था कि वह किसी को भी एमबीबीएस कोर्स सर्टिफिकेट भी दिलवा सकता है।
सरकारी गवाह का दिया था ऑफर
-महेंद्र कुमार जुनेजा ने अपने लिखित जवाब में काउंसिल को अपने ओरिजनल सर्टिफिकेट दे दिए थे और इस मामले में सरकारी गवाह बनकर काउंसिल का सहयोग करने की बात कही थी। उन्होंने यह भी आग्रह किया था कि उसके दस लाख रुपये की बरामदगी करवाई जाए। लिखित बयान में कहा था कि यह बड़ा गंभीर मामला है क्योंकि उपरोक्त व्यक्ति फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने में शामिल हैं जो समाज के लिए खतरनाक है।

