हरियाणवी संस्कृति मेहनत, मिट्टी और मन की सादगी का अफसाना : कृष्ण मिड्ढा
चौधरी रणबीर सिंह विवि में 3-दिवसीय हरियाणा उत्सव शुरू
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) जींद में शुक्रवार को तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय ‘हरियाणा उत्सव’ का शुभारम्भ अत्यंत भव्यता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह का नेतृत्व कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने किया, जबकि उद्घाटन सत्र में विधानसभा के उपाध्यक्ष डाॅ. कृष्ण मिड्ढा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि हरियाणा की संस्कृति मेहनत, मिट्टी और मन की सादगी का अफसाना है। धूप में लिखी इस धरती की कहानी कदम बढ़ाने वालों की है, जो आगे बढ़ते हैं, कामयाबी स्वयं रास्ता दिखाती है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. रामपाल सैनी ने कहा कि आने वाला समय हरियाणवी गीतों, लोककला और सिनेमा का है। यदि युवा इस दिशा में कार्य करें तो अपार संभावनाएं हैं। यह केवल कला नहीं, बल्कि संस्कृति हमारी विरासत और हमारी अस्मिता है। इसे संजोने और आगे बढ़ाने का दायित्व हम सभी का है। कुलगुरू ने पूर्व विधायक स्वर्गीय हरिचन्द मिड्ढा का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी इच्छा अनुसार आज ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए शिक्षा के द्वार खुल चुके हैं।
हरियाणा उत्सव में प्रथम दिन पांच विश्वविद्यालयों और 22 कॉलेजों की 45 टीमों ने भाग लिया। लोकप्रिय सिंगर अमन जाजी के आधुनिक श्लोक मिश्रित संगीत ने समारोह में चार चांद लगा दिए। उनके गीत ‘बहु चौधरियां की’ पर छात्र-छात्राओं ने जमकर आनंद लिया।
हरियाणा की संस्कृति हमारी आत्मा, शान और गौरव : बड़ौली
सांयकालीन सत्र में प्रमुख अतिथि एवं प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने हरियाणा की संस्कृति को ‘हमारी आत्मा, हमारी शान और हमारा गौरव’ बताते हुए कहा कि लोकगीतों में जीवन की सरलता है, बोली में अपनापन, नृत्यों में उत्साह और मिट्टी में संस्कार बसते हैं। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि आने वाला समय हरियाणवी संस्कृति की वैश्विक पहचान का होगा।

