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हरियाणा की खेल नीति बनी देश के लिए मिसाल, पदकवीरों पर हो रही धनवर्षा : कृष्णलाल पंवार

बिलावल में एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट रीतू श्योराण का नागरिक अभिनंदन

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चरखी दादरी के गांव बिलावल में शुक्रवार को गोल्ड विजेता रितू श्योराण के सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार।
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Indian Women's Kabaddi Team Winner : एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली ऑलराउंडर व गांव बिलावल की बहू रीतू श्योराण का गृह क्षेत्र में ऐतिहासिक स्वागत हुआ। समारोह में कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार और रीतू श्योराण को पगड़ी व नोटों की मालाओं से सम्मानित किया गया। वहीं दादरी जिला के कबड्‌डी खिलाड़ी सुमित सांगवान को भी सम्मानित किया। मंत्री पंवार ने खेल नीतियों की सराहना करते हुए 'पदक लाओ, पद पाओ' को देश का सर्वश्रेष्ठ मॉडल बताया। कार्यक्रम में भारतीय महिला व पुरुष टीमों के खिलाड़ियों सहित अर्जुन अवार्डी व द्रोणाचार्य अवार्डी भी मौजूद रहे।

कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा लहराने में हरियाणा का बड़ा योगदान है। जापान में आयोजित प्रतियोगिता में महिला टीम की 12 में से 6 बेटियां (50%) और पुरुष वर्ग के 12 में से 8 खिलाड़ी हरियाणा से थे। महिला टीम ने लगातार पांचवीं बार खिताब जीतकर इतिहास रचा। इस अवसर पर एसोसिएशन महासचिव नसीब जांघू, ईश्वर सिंह जांघू, कुलदीप दलाल, धर्मबीर मलिक, सरपंच अनिल कुमार सहित अनेक गांवों के पंच-सरपंच मौजूद रहे।

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पारदर्शी खेल नीति व 2,000 नर्सरियां

मंत्री पंवार ने बताया कि सरकार एशियन गेम्स गोल्ड विजेताओं को 3 करोड़ दे रही है। वहीं ओलंपिक स्वर्ण पर 7 करोड़, रजत पर 4 करोड़, कांस्य पर 2.5 करोड़ और क्लास-1 नौकरी का प्रावधान है। गांवों में प्रतिभाओं को निखारने के लिए 2,000 से अधिक खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने दादरी के पहलवान सुजीत कलकल को भी स्वर्ण पदक के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

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लक्ष्य सिर्फ गोल्ड था, कॉमनवेल्थ व ओलंपिक पर निगाहें

गोल्ड मेडलिस्ट रीतू श्योराण ने सफलता का श्रेय माता-पिता, कोच और एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन को दिया। उन्होंने कहा कि कोच व फेडरेशन की रणनीति पर अमल करने से यह मुकाम मिला। कबड्डी को कॉमनवेल्थ व ओलंपिक में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं और आगामी 2030 के बड़े आयोजनों में स्वर्ण जीतना मुख्य लक्ष्य है। रीतू ने बेटियों को संदेश दिया कि खेल या पढ़ाई, जो भी क्षेत्र चुनें, उसमें 100 प्रतिशत समर्पण दें।

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