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Haryana Flat Price Hike: हरियाणा में अफोर्डेबल हाउसिंग महंगी, फ्लैट दरों में 12% तक इजाफा, गुरुग्राम सबसे महंगा

Haryana Flat Price Hike: कैबिनेट फैसले के बाद नोटिफिकेशन जारी, नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू

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सांकेतिक फाइल फोटो।
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Haryana Flat Price Hike: हरियाणा में आम लोगों के लिए घर खरीदना अब थोड़ा और महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए फ्लैट्स की दरों में औसतन 10 से 12 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी है। यह फैसला 24 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया था, जिसे अब औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू होंगी। सरकार का कहना है कि जमीन और निर्माण लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते बिल्डर्स की रुचि इस योजना में घट रही थी, जिसे फिर से आकर्षक बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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गुरुग्राम में सबसे ज्यादा दर, अब 5575 रुपये प्रति वर्ग फुट

नई दरों के तहत गुरुग्राम में अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के फ्लैट्स की अधिकतम आवंटन दर 5000 रुपये से बढ़ाकर 5575 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दी गई है। यानी यहां घर खरीदने वालों को अब पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी होगी। इसके अलावा बालकनी के लिए अलग से 1300 रुपये प्रति वर्ग फुट (अधिकतम 1.30 लाख रुपये) तक अतिरिक्त राशि देनी होगी। यह नियम सभी शहरों में समान रूप से लागू रहेगा।

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फरीदाबाद-सोहना भी पीछे नहीं, 5450 रुपये प्रति वर्ग फुट तय

फरीदाबाद और सोहना में भी फ्लैट्स की कीमतों में इजाफा किया गया है। यहां पहले 5000 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर थी, जिसे अब बढ़ाकर 5450 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिया गया है। यह वृद्धि उन लोगों के लिए अहम है जो एनसीआर क्षेत्र में अपेक्षाकृत सस्ते घर की तलाश में थे।

अन्य शहरों में भी बढ़ीं दरें

सरकार ने केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि अन्य शहरों में भी दरों में संशोधन किया है। पंचकूला और अन्य हाई व मीडियम पोटेंशियल टाउन में दरें 4500 से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दी गई हैं। लो-पोटेंशियल टाउन में दरें 3800 से बढ़ाकर 4250 रुपये प्रति वर्ग फुट तय की गई हैं। इससे साफ है कि पूरे प्रदेश में अफोर्डेबल हाउसिंग अब पहले की तुलना में महंगी हो चुकी है।

पुराने आवेदकों पर क्या होगा असर

नोटिफिकेशन के अनुसार, जिन परियोजनाओं में अभी तक आवंटन नहीं हुआ है, वहां नई दरें सीधे लागू होंगी। हालांकि जिन प्रोजेक्ट्स में पहले ही आवेदन आमंत्रित किए जा चुके हैं, वहां सफल आवेदकों से नई दरों के अनुसार अंतर राशि वसूली जाएगी। लेकिन राहत की बात यह है कि ड्रा प्रक्रिया पुराने आवेदनों के आधार पर ही आयोजित की जाएगी। अगर कोई आवेदक नई दरों पर भाग नहीं लेना चाहता, तो उसे जमा राशि बिना किसी कटौती के वापस कर दी जाएगी।

बिल्डरों को राहत, आम खरीदार पर दबाव

सरकार का तर्क है कि बढ़ती महंगाई, जमीन की कीमतों और निर्माण लागत में तेजी के कारण बिल्डर इस योजना से दूरी बना रहे थे। ऐसे में दरों में संशोधन जरूरी हो गया था ताकि नई परियोजनाएं शुरू हो सकें और हाउसिंग सप्लाई बनी रहे। लेकिन इस फैसले का सीधा असर आम मध्यमवर्गीय खरीदारों पर पड़ेगा, जिनके लिए यह योजना बनाई गई थी। अब उन्हें पहले से अधिक बजट तैयार करना होगा।

पार्किंग नियमों में भी बदलाव

नोटिफिकेशन में केवल दरों ही नहीं, बल्कि पार्किंग नियमों में भी संशोधन किया गया है। अब प्रत्येक फ्लैट के लिए एक अनिवार्य कार पार्किंग सुनिश्चित करनी होगी, जिसकी लागत फ्लैट कीमत का 10 प्रतिशत तक हो सकती है। इस बदलाव का उद्देश्य परियोजनाओं में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधा सुनिश्चित करना बताया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस संशोधन के बाद बिल्डर फिर से अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में रुचि दिखाएंगे और नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च होंगे।

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