Gurugram मानसून को लेकर तय समय में तैयारियां पूरी करने के निर्देश
14 को होगी मॉक ड्रिल, 18 से फ्लड कंट्रोल रूम शुरू
डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि मानसून सीजन को लेकर जिले में सभी तैयारियां तय समय में पूरी की जाएं और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने यह बात मंगलवार की शाम लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में बाढ़ प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की बैठक में कही।
डीसी ने बैठक में निर्देश दिए कि बाढ़ प्रबंधन से संबंधित जरूरी संसाधन, रेस्क्यू उपकरण और व्यवस्थाएं पहले से पूरी तरह तैयार रखी जाएं। नेशनल डिजास्टर अलर्ट पोर्टल और ‘सचेत’ मोबाइल एप के माध्यम से आपदा से जुड़ी महत्वपूर्ण चेतावनियां समय पर मिलती हैं, जिससे पहले से सतर्क रहना आसान होता है। उन्होंने कहा, ‘सचेत’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करें, ताकि मौसम और अन्य आपदाओं से संबंधित अलर्ट सीधे उनके मोबाइल पर समय पर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने बताया कि 14 मई को जिले में दो स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिससे आपात स्थिति में तेजी से कार्य करने की क्षमता और बेहतर होगी। वहीं 18 मई से जिला स्तर पर फ्लड कंट्रोल रूम शुरू किया जाएगा, जो पूरे जिले की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा।
डीसी ने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम रोजाना दोपहर 3 बजे तक रिपोर्ट भेजें और जिला स्तर से शाम 5 बजे तक एनडीईएम पोर्टल पर डेली सिचुएशन रिपोर्ट अपलोड की जाए। किसी भी स्थिति में निल रिपोर्ट भेजना भी अनिवार्य रहेगा।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागों को अपने-अपने नोडल अधिकारी निर्धारित कर उनकी जानकारी साझा करें। राहत सामग्री, रेस्क्यू उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों की जांच कर उन्हें पूरी तरह तैयार रखने को कहा गया। सिंचाई विभाग को नालों की सफाई, तटबंध मजबूत करने और जल स्तर की निगरानी करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए शेल्टर, चारा और टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
पब्लिक हेल्थ और नगर निकायों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, सीवर और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई तथा जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बिजली विभाग को ट्रांसमिशन लाइनों और पोल की जांच कर व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी को सड़कों और पुलियों की मरम्मत कर आवागमन सुचारू रखने को
कहा गया।

