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फैंसी लाइट्स की क्वालिटी और कीमतों की जांच कराए सरकार : पंकज डावर

गुरुग्राम कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने शहर में लगाई जा रही फैंसी लाइट्स की गुणवत्ता और कीमतों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण की आड़ में किसी भी प्रकार का...

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पंकज डावर
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गुरुग्राम कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने शहर में लगाई जा रही फैंसी लाइट्स की गुणवत्ता और कीमतों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण की आड़ में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए और जिस गुणवत्ता का सामान लगाने की बात कही गई है, उसी स्तर का कार्य होना चाहिए।

सड़कों पर एक ही डिज़ाइन की कम  गुणवत्ता वाली लाइटें : पंकज डावर

पंकज डावर ने कहा कि शहर की विभिन्न सड़कों पर एक ही डिजाइन की लाइट्स लगाई जा रही हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता, ऊंचाई और कीमत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में ओल्ड रेलवे रोड पर प्रेम मंदिर के सामने एक वाहन की टक्कर से फैंसी लाइट का पोल ऊपर से टूटकर गिर गया। टक्कर पोल की फाउंडेशन से हुई थी, लेकिन पोल जड़ से गिरने के बजाय ऊपर से टूट गया, जिससे उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।

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जिला शहरी अध्यक्ष ने कहा  कि यह घटना 21 फरवरी 2026 को हुई थी, लेकिन लगभग एक महीना बीतने के बाद भी न तो नगर निगम ने और न ही संबंधित एजेंसी ने पोल को ठीक कराया है। इससे संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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डावर ने यह भी कहा कि नई लाइट्स की ऊंचाई भी पहले लगी लाइट्स की तुलना में कम है। इसके अलावा अलग-अलग सड़कों पर एक ही तरह की लाइट्स के अलग-अलग दाम लगाए जा रहे हैं, जो अनियमितता की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने बताया कि शीतला माता रोड और पुराना रेलवे रोड पर लगाई जा रही लाइट्स की कीमतों में करीब 46 हजार रुपये का अंतर बताया जा रहा है, जबकि डिजाइन एक जैसा है।

उन्होंने नगर निगम गुरुग्राम से मांग की कि इन लाइट्स से जुड़े सभी टेंडरों और प्रति पोल खर्च की जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही इनकी गुणवत्ता की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए, क्योंकि यह कार्य जनता के टैक्स के पैसे से हो रहा है। नगर निगम सड़कों पर बार-बार पोल बदलने में अधिक ध्यान दे रहा है, जबकि शहर की अन्य मूलभूत सुविधाओं पर भी उतनी ही गंभीरता से काम किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि नगर निगम ईमानदारी से काम करे तो गुरुग्राम शहर को जल्द ही बेहतर बनाया जा सकता है।

साथ ही सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए, ताकि यदि कहीं अनियमितता हुई है तो उसे उजागर किया जा सके।

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