आजादी मिली बड़ी कीमत देकर, बुरे दिन भूल गए तो वे फिर से आ जाएंगे : धनखड़ : The Dainik Tribune

आजादी मिली बड़ी कीमत देकर, बुरे दिन भूल गए तो वे फिर से आ जाएंगे : धनखड़

आजादी मिली बड़ी कीमत देकर, बुरे दिन भूल गए तो वे फिर से आ जाएंगे : धनखड़

गुरुग्राम में बृहस्पतिवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ओपी धनखड़, सीएसआर ट्रस्ट हरियाणा के उपाध्यक्ष बोधराज सीकरी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में शिरकत करते हुए। -निस

गुरुग्राम, 11 अगस्त (निस)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की घोषणा के बाद पहले वर्ष का कार्यक्रम यहां आयोजित किया गया। बृहस्पतिवार को यहां आयोजित कार्यक्रम में उस दौर को जी चुके बुजुर्गों ने अपनी दास्तां सुनाई तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। समारोह में अपना संबोधन देते हुए मुख्य अतिथि हरियाणा भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की भी आंखें भर आई। उन्होंने उस दौर को कभी न भूलने वाली घटना बताया। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस आयोजन समिति की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समिति के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर संयोजक हैं और सीएसआर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष बोध राज सीकरी सदस्य हैं। कार्यक्रम में विभाजन के समय के उन बच्चों को भी यहां सम्मानित किया गया, जो आज 80 साल या इससे अधिक उम्र के हो चुके हैं। उन्हें पटके, टोपी, माला पगड़ी, पौधा और तिरंगा आदि देकर सम्मान दिया गया। धनखड़ ने कहा कि आजादी हमें बहुत बड़ी कीमत पर मिली थी। यह विभाजन की कीमत के साथ 10 लाख बेकसूर लोगों की मौत और डेढ़ करोड़ लोगों के शरणार्थी बनने की कीमत पर मिली थी। इसके साथ 10 हजार बहन, बेटियों को बेआबरू किया गया। धनखड़ ने कहा कि उस समय कांग्रेस के नेताओं ने भले ही कुछ आश्वासन दिए हों, लेकिन उनके सामने ही यह सब हुआ। वे खुद सुरक्षित हुए लेकिन 10 लाख लोग मारे गए। एक लाइन खींच देने से ही बंटवारा हो गया। आजादी के लिए शहीद भगत सिंह की तीन पीढ़ियों ने लड़ाई लड़ी। धनखड़ ने विभाजन के पीड़ितों, उनसे जुड़े लोगों और आम नागरिकों से कहा कि हम बुरे दिन भूल गए तो वे दिन फिर से आ जाएंगे। अपने बच्चों को, युवाओं को उस समय के घटनाक्रम से अवगत कराएं, ताकि उन्हें पता रहे कि उनके बुजुर्गों ने कितनी यातनाएं झेली हैं। वे भविष्य में ऐसे हालात से सतर्क रहें। उन्होंने अंडेमान निकोबार द्वीप समूह में भी जाकर देखा। वहां ऐसा इतिहास पता चला, जो कि हमसे छुपाया गया। नेताजी ने अंडेमान निकोबार को आजाद कराकर झंडा फहराया था। वह तारीख इतिहास से गायब कर दी गई। सूरजपाल अम्मू ने प्रेरणात्मक संदेश दिया। भाजपा जिला अध्यक्ष गार्गी कक्कड़ ने कहा कि 1947 में बंटवारे से दो अलग-अलग देश बन गए लेकिन उस दिन केवल एक देश का बंटवारा ही नहीं हुआ बल्कि इसके साथ-साथ परिवारों, रिश्तों और दिलों का भी बंटवारा हो गया, इस बंटवारे ने बहुत से परिवारों को तबाह कर दिया। जिला अध्यक्ष ने अपने अनुभव साझा कर समापन किया और धन्यवाद प्रस्ताव दिया। सीएसआर ट्रस्ट हरियाणा के उपाध्यक्ष बोधराज सीकरी ने कहा कि हमारे इतिहास के साथ खिलवाड़ किया गया है। हमें विभाजन विभिषिका के बारे में कभी नहीं पढ़ाया गया। इस अवसर पर आरएसएस से जगदीश ग्रोवर, भाजपा जिला अध्यक्ष गार्गी कक्कड़, पूर्व सांसद सुधा यादव, मेयर मधु आजाद, डा. अशोक दिवाकर, प्रमोद सलूजा, पूनम भटनागर, सूरजपाल अम्मू, रमेश कालरा, नवीन गोयल, धर्मसागर, मनीष गाड़ौली, महेश यादव कार्टरपुरी, कन्हैया लाल आर्य, कंवरभान वधवा, राम बहादुर समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

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