ex deputy speaker Gopi chand gehlot : हरियाणा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत का शनिवार को यहां 75 साल की उम्र में निधन हो गया। 19 जनवरी 1951 को जन्मे गोपीचंद गहलोत पिछले करीब चार साल से किडनी की बीमारी से ग्रस्त थे और डायलिसिस पर थे। उनके निधन पर राजनीतिक, सामाजिक क्षेत्र के लोगों ने शोक जताया है।
गोपीचंद गहलोत गुड़गांव विधानसभा से वर्ष 2000 में निर्दलीय विधायक बने थे। इनेलो से बगावत करके गहलोत ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। उनके सामने मजबूत उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के तीन बार के विधायक धर्मबीर गाबा और भाजपा उम्मीदवार तिलक राज मल्होत्रा थे।
इनेलो की सरकार को उन्होंने समर्थन दे दिया। सरकार ने उन्हें हरियाणा विधानसभा में डिप्टी स्पीकर का पद देकर सम्मान दिया। गोपीचंद गहलोत ने गुड़गांव विधानसभा सीट से तीन बार किस्मत आजमायी। मजबूती से उन्होंने हर चुनाव लड़ा, लेकिन दो चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। 2019 को उन्होंने फिर से भाजपा में आस्था दिखाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में भाजपा ज्वाइन की। भाजपा सरकार बनने के बाद गोपीचंद गहलोत ने इनेलो को अलविदा कहकर भाजपा का दामन था। भाजपा ने उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य बनाया था।

