विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण की होगी खास भूमिका : केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान
कुड़ली स्थित निफ्टेम में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी
सोनीपत में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित विकसित भारत- 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि 1.4 बिलियन की आबादी वाले देश के लिए तकनीक-आधारित विकास अनिवार्य है। ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों तक नवाचार, अनुसंधान एवं आधुनिक तकनीकों को पहुंचाकर गांव और शहर के बीच की दूरी कम करनी होगी।
निफ्टेम में संबोधित कर रहे थे चिराग
चिराग पासवान बृहस्पतिवार को कुंडली स्थित निफ्टेम में तीन दिवसीय ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एडवांस्ड नेक्स्ट जेनरेशन विजन फॉर इमर्जिंग एंड सस्टेनेबल हेल्दी फूड्स’ (International Conference on Advanced Next-Generation Vision for Emerging and Sustainable Healthy Foods) एनवेश-2026 के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 25 से अधिक देशों के विशेषज्ञ, शोधकर्ता, उद्योग प्रतिनिधि, निर्यातक, उद्यमी एवं नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नवीन तकनीकों, नवाचारों व उत्पादों की समीक्षा
केंद्रीय मंत्री ने बदलती जीवनशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि रेडी-टू-इट और रेडी-टू-कुक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह सीधे-सीधे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विस्तार से जुड़ी है। भारत के पास उत्पादन की पर्याप्त मात्रा है, परंतु अब मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 11 वर्ष पूर्व भारत में निर्मित या उत्पादित खाद्य उत्पादों के ट्रेडिंग में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी गई थी ताकि कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन बढ़े। इसका मकसद किसानों की आय में वृद्धि हो तथा भारत वैश्विक ‘फूड बास्केट’ के रूप में स्थापित हो सके।
विश्व की प्रत्येक डाइनिंग टेबल पर भारतीय खाद्य उत्पाद
उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह होना चाहिए कि विश्व की प्रत्येक डाइनिंग टेबल पर भारतीय खाद्य उत्पाद उपलब्ध हों। भारतीय मानकों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए गुणवत्ता एवं मानकों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने किसानों के हितों को सुरक्षित रखते हुए 23 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े भ्रामक कथनों को दूर करने की आवश्यकता है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी, वल्र्ड फूड प्राइज विजेता शकुंतला हरकसिंह एआईसीटीई के पूर्व अध्यक्ष टीजी सीताराम और निफ्टेम के निदेशक हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
सम्मेलन में एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस सम्मेलन में एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी हो रही है। तीन दिनों में प्लेनरी सत्र, कीनोट व्याख्यान, पैनल चर्चा, प्रदर्शनी एवं उद्योग संवाद आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण में उभरती प्रौद्योगिकियों, मूल्य संवर्धन, डिजिटल अनुपालन प्रणाली, सतत आपूर्ति श्रृंखला, निर्यात-उन्मुख नवाचार, उत्पाद विविधीकरण, खाद्य सुरक्षा, ट्रेसबिलिटी तथा भविष्य उन्मुख कृषि-खाद्य उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र पर विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना है।

