जलभराव से फसल बर्बादी पर किसानों का तहसील कार्यालय पर धरना
सांपला तहसील के दर्जनों गांवों में जलभराव से खरीफ 2025 की फसलें पूरी तरह बर्बाद होने के बावजूद मुआवजा न मिलने से नाराज किसानों ने सोमवार को किसान सभा के नेतृत्व में तहसील कार्यालय सांपला पर धरना दिया। इसके बाद...
सांपला तहसील के दर्जनों गांवों में जलभराव से खरीफ 2025 की फसलें पूरी तरह बर्बाद होने के बावजूद मुआवजा न मिलने से नाराज किसानों ने सोमवार को किसान सभा के नेतृत्व में तहसील कार्यालय सांपला पर धरना दिया। इसके बाद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम व तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
किसान सभा तहसील सचिव आशीष ने बताया कि कुल्ताना, पाकस्मा, खरावड़, चुलाना, मोरखेड़ी, अट्टायल, समचाना, कसरेंटी, भैंसरू सहित कई गांवों के सैकड़ों किसानों ने धान, बाजरा व कपास की 100 प्रतिशत बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग उठाई। मुआवजा न मिलने से आक्रोशित किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला प्रधान सुनील मलिक ने कहा कि अत्यधिक बारिश और जलभराव से खेतों में एक दाना तक पैदा नहीं हुआ, लेकिन डुप्लीकेट फोटो जैसे बहाने बनाकर किसानों को मुआवजे से वंचित किया जा रहा है। किसानों ने 2022 की रबी फसलों का बकाया मुआवजा, फसल बीमा क्लेम, जलनिकासी, बुआई न होने वाले खेतों की गिरदावरी व पराली प्रबंधन सहायता की मांग की। राज्य महासचिव सुमित दलाल ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो उपायुक्त कार्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।

