Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

तीन साल से जलभराव की मार झेल रहे निजामपुर-मरोड़ा-मालब के किसान, अब सरसों-गेहूं की बिजाई पर संकट

किसानों ने कहा- अधिकारियों के सामने गुहार लगाते हुए थके, पर खेतों से पानी निकालने के लिए नहीं लगाई मोटर-पंप

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
नूंह के खेतों में भरा बरसात का पानी।
Advertisement
Rainwater in the villages of Nuh : नूंह खंड के निजामपुर, मरोड़ा और मालब गांव के किसान पिछले करीब तीन वर्षों से खेतों में जलभराव की समस्या से परेशान हैं। खेतों में लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण लगातार फसलें खराब हो रही हैं। अब सरसों की बिजाई और गेहूं की बुवाई का समय नजदीक है, लेकिन खेतों से पानी नहीं निकलने के कारण आगामी फसल सीजन भी संकट में है।

किसानों का कहना है कि वे बार-बार अधिकारियों के सामने गुहार लगा रहे हैं कि खेतों से पानी निकालने के लिए मोटर-पंप लगाए जाएं, लेकिन अभी तक मोटर-पंप नहीं लगे। किसानों के अनुसार पिछले तीन साल से लगातार फसल नुकसान हो रहा है, लेकिन तीन वर्षों के नुकसान का मुआवजा भी अभी तक नहीं मिला है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

Advertisement

कहा- सरकार गांव-गांव समस्याएं सुनने की बात कह रही पर उनकी सुनवाई नहीं

किसानों ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सेवा सेतु अभियान के तहत गांव-गांव समस्याएं सुनने की बात कह रही है, तो तीन साल से जलभराव झेल रहे किसानों की समस्या पर भी ध्यान दिया जाए। सिर्फ आश्वासन नहीं, मौके पर आकर तत्काल पानी निकलवाने की कार्रवाई हो। किसानों के अनुसार यह मुद्दा विधायक चौधरी आफताब अहमद के सामने भी कई बार रखा गया और अधिकारियों के साथ बैठक में भी उठाया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर समाधान नहीं हुआ।

Advertisement

जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठाएंगे मामला

अब किसानों ने फैसला किया है कि आगामी जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि खेतों से तत्काल पानी निकलवाया जाए, पर्याप्त मोटर-पंप लगाए जाएं, जलभराव से स्थायी निजात के लिए व्यवस्था की जाए और पिछले तीन वर्षों के फसल नुकसान का उचित मुआवजा जल्द जारी किया जाए। आवाज उठाने वालों में मोहम्मद इकबाल, शमशेर, पूर्व सरपंच शरीफ, पूर्व सरपंच साबिर हुसैन मालब, सैय्यद, अब्बास अली, समाजसेवी अबरार हुसैन मालब, वाजिद हुसैन, ब्लॉक समिति सदस्य सौकत हुसैन, मुबारक हुसैन, जाकिर हुसैन, मदन कुमार, अय्यूब खान, शाहिद हुसैन, नसीम खान मालब, वसीम अकरम मालब, मुस्ताक, जुनैद खान, लियाकत अली और फजरूद्दीन सहित अन्य किसान शामिल हैं।

Advertisement
×