पांच माह बाद भी नहीं निकल पाया खेतों में जमा बारिश का पानी
भिवानी का बवानीखेड़ा क्षेत्र : खरीफ की फसल डूबी, रबी की नहीं हो पाई बिजाई
भारी बारिश को हुए करीबन पांच माह का समय बीत गया, लेकिन अभी भी पानी की बर्बादी का दंश बवानीखेड़ा क्षेत्र के लोग झेल रहे है। हालात ये है कि आसमान से बरसा पानी आज भी खेतों में जमा है।
यूं तो दिसंबर माह में कपास की फसल खतम हो चुकी है, लेकिन जलभराव की वजह से आज भी खेतों में रूई युक्त कपास की फसल खड़ी है, पानी की वजह से कपास की चुनाई नहीं हो पाई है। इस दरम्यान सरकार से जुड़े राजनेताओं ने पानी की निकासी, बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाए जाने के लाख दावे किए, लेकिन इतना समय बीतने के बाद आज तक पीडितों को एक फुटी कौड़ी भी हाथ नहीं लगी। यहां तक कि जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया
हुआ था।
उन किसानों को भी मुआवजा के नाम पर एक पैसा तक नहीं मिल पाया है। खरीफ फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है और रबी फसल की बिजाई भी नहीं हो पाई।
ऐसे में किस तरह से धरती पुत्र परिवार का पालन व पोषण कर पाएंगे। हालात ये हैं कि हलका बवानीखेड़ा के गांव लोहारी जाटू के किसान आज भी अपने खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे।
चूंकि उन खेतों में एक से 2 फुट तक पानी जमा है। ऐसे में किस तरह से वे अगली फसल की बिजाई कर पाएंगे। करीब 2 हजार एकड़ में अभी भी बारिश का पानी जमा है, जिस वजह से कपास के पौधें रुई सहित खेतों में है। अपनी मेहनत को पानी में देख कर किसान की आंखों में पानी बहने लगता है।
किसानों ने बताया कि पांच माह का समय बीतने के बाद भी उनको न तो मुआवजा मिल पाया और न ही बीमा क्लेम मिला है। ऐसे में वे किस तरह से किसान अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगे। उन्होंने पानी निकासी व गिरदावरी कर मुआवजे की मांग की है ताकि कुछ भरपाई
हो सके।
जलद सुनिश्िचत होगी पानी की निकासी : एसडीएम
भिवानी एसडीएम महेश कुमार ने बताया कि मामले को लेकर डीसी साहिल गुप्ता के निर्देशानुसार एक कमेटी गठित की गई है तथा जल्द ही पानी निकासी सुनिश्चित की जाएगी।

