नारनौल में कर्मचारी-पेंशनर्स का धरना, पुरानी पेंशन बहाली की मांग
नारनौल में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर स्थानीय लघु सचिवालय में धरना प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। यह धरना अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ व अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर फेडरेशन...
नारनौल में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर स्थानीय लघु सचिवालय में धरना प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। यह धरना अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ व अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा तथा रिटायर्ड कर्मचारी संघ के पदाधिकारी व सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
धरने की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कौशल यादव और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान घनश्याम शर्मा ने की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता, कम्यूटेशन अवधि में कटौती, यात्रा रियायत और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने सहित कई मांगें उठाईं।
नारनौल में कर्मचारी संघ ने की पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग
रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा ने कहा कि वित्त विधेयक 2025 को वापस लिया जाए और नई पेंशन योजना (NPS) समाप्त कर सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए। उन्होंने मांग की कि आठवें वेतन आयोग का लाभ 31 दिसंबर 2025 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी दिया जाए।
महंगाई भत्ता और बकाया भुगतान
कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि सभी राज्यों में महंगाई भत्ता केंद्रीय पेंशनर्स के बराबर किया जाए। साथ ही कोरोना काल के 18 माह का बकाया महंगाई भत्ता ब्याज सहित जारी किया जाए। पेंशन कम्यूटेशन कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करने की भी मांग रखी गई।
यात्रा रियायतें और अन्य मांगें
पेंशनर्स को ट्रेन, हवाई यात्रा, वोल्वो और एसी बसों सहित निजी सहकारी बसों में दी जाने वाली रियायतें पुनः बहाल करने की मांग की गई। इसके अलावा सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक, नए श्रम संहिताओं को समाप्त करने, नई शिक्षा नीति 2020 को रद्द करने और टेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग भी उठाई गई।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कौशल यादव ने कहा कि सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए, पीएफआरडी अधिनियम और चारों श्रम संहिताओं को निरस्त किया जाए तथा खाली पदों पर नियमों के तहत स्थायी भर्ती की जाए।
धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारी व पेंशनर्स मौजूद रहे और सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपील की गई।
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