इनेलो के प्रयासों से फिर शुरू हुई बुजुर्गों की सम्मान पेंशन: रूपचंद लांबा
जिलाध्यक्ष बोले-पूरे हरियाणा में इनेलो मना रही ‘विजय दिवस’
फरीदाबाद में इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष रूपचंद लांबा ने दावा किया है कि पार्टी के दबाव के चलते सरकार को बुजुर्गों की सम्मान पेंशन दोबारा शुरू करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इसी निर्णय के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में इनेलो ‘विजय दिवस’ मना रही है।
वे शुक्रवार को सेक्टर-11 स्थित जिला इनेलो कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव देवेंद्र चौहान सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रूपचंद लांबा ने कहा कि हरियाणा में इनेलो ने हमेशा किसान, गरीब और कमेरे वर्ग सहित सभी बिरादरियों के हक-हकूक की आवाज बुलंद की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा करीब 70-75 हजार बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी गई थी। इस मुद्दे को इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने प्रमुखता से उठाया और 20 फरवरी को पंचकूला में प्रदर्शन की घोषणा की थी।
पेंशन योजना का इतिहास
लांबा ने बताया कि 25 जुलाई 1987 को पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल ने बुजुर्गों के लिए सम्मान पेंशन योजना शुरू की थी। उनका आरोप है कि 1991 से 1999 तक बंसीलाल और भजनलाल सरकारों में पेंशन राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। इसके बाद की सरकारों ने भी विभिन्न शर्तें लगाकर पात्र बुजुर्गों को पेंशन से वंचित किया।
200 रुपये बढ़ाकर दोबारा शुरू की पेंशन :रूपचंद लांबा
पार्टी के अनुसार, इनेलो द्वारा प्रदर्शन की घोषणा के बाद सरकार ने बंद की गई पेंशन को 200 रुपये की बढ़ोतरी के साथ पुनः शुरू कर दिया। उन्होंने इसे इनेलो की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि इससे हजारों बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लौटी है।
इस मौके पर देवेंद्र चौहान ने कहा कि इनेलो ने बुजुर्गों को सम्मान देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी। मौजूदा सरकार नए-नए संशोधन कर पात्र लोगों को बाहर कर रही है, जो अनुचित है।
इनेलो के दबाव में भाजपा ने बुजुर्गों की पेंशन जारी की : रामपाल माजरा

