गुरुग्राम में ‘डायरेक्ट सेलिंग - वीमेन एंटरप्रेन्योर्स समिट 2026’ कार्यक्रम में उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पहुंचे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर स्थित यशोभूमि में एडीएसईआई और सीएआईटी की ओर से आयोजित ‘डायरेक्ट सेलिंग – वीमेन एंटरप्रेन्योर्स समिट 2026’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में यह इंडस्ट्री करीब 3 हजार करोड़ रुपये की थी, जो अब बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। साथ ही इस क्षेत्र से सरकार को लगभग 3600 करोड़ रुपये का कर राजस्व भी प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डायरेक्ट सेलिंग से जुड़े लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियम बनाए गए हैं और इस उद्योग को स्पष्ट पहचान दी गई है।
महिलाओं की आर्थिक सशक्तता देती है मज़बूती
कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि डायरेक्ट सेलिंग के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं की आर्थिक सशक्तता देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है, जिसमें महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
लोकसभा सांसद और सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग से जुड़कर महिलाएं अपने सपनों को साकार कर रही हैं और यह क्षेत्र उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बना रहा है।
इस अवसर पर एडीएसईआई के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से डायरेक्ट सेलिंग उद्योग को नई पहचान मिली है। यह क्षेत्र महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत, स्किल इंडिया और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम में गौतम बाली, हेम पांडे, जितेंद्र डागर, अरविंद अत्री, चंद्रभान सिंह राजावत और डॉ. भावना चौबे सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान डायरेक्ट सेलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं को दोनों केंद्रीय मंत्रियों द्वारा सम्मानित किया गया।

