तालाबों की डी-वाटरिंग के मिले सकारात्मक परिणाम, भारी बारिश का लाखों लीटर पानी हुआ संचित
पलड़ा, धनवापुर व दरबारीपुर सहित विभिन्न तालाबों में पहुंचा 10 से 12 फीट तक बरसाती पानी, आसपास के क्षेत्रों को जलभराव से राहत के साथ वर्षा जल संचय को मिला बढ़ावा
Gurugram Rainwater Harvesting : नगर निगम गुरुग्राम द्वारा मानसून से पूर्व तालाबों की जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। नगर निगम की पोंड रिवाइवल कमेटी द्वारा विभिन्न तालाबों में की गई डी-वाटरिंग के कारण मंगलवार को हुई भारी बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में वर्षा जल तालाबों तक पहुंचा। कई स्थानों पर तालाबों में जलस्तर 10 से 12 फीट तक पहुंच गया, जिससे एक ओर आसपास के क्षेत्रों में जलभराव का दबाव कम हुआ, वहीं दूसरी ओर वर्षा जल संचय का उद्देश्य भी प्रभावी रूप से पूरा हो रहा है।
भारी बारिश के दौरान पलड़ा, धनवापुर और दरबारीपुर सहित कई क्षेत्रों में बरसाती पानी तालाबों में पहुंचा। मानसून से पहले तालाबों में उपलब्ध स्टोरेज क्षमता के कारण बड़ी मात्रा में वर्षा जल को संग्रहित करने में मदद मिली।नगर निगम गुरुग्राम की पोंड रिवाइवल कमेटी द्वारा मानसून की तैयारियों के तहत विभिन्न तालाबों की स्थिति की समीक्षा करते हुए डी-वाटरिंग की कार्रवाई की गई थी। इसका उद्देश्य तालाबों में वर्षा जल संग्रहण के लिए पर्याप्त क्षमता उपलब्ध कराना तथा बारिश के दौरान आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की संभावना को कम करना था। भारी बारिश के दौरान सामने आए परिणामों से यह पहल प्रभावी साबित हुई है। तालाबों में पहले से उपलब्ध कराई गई अतिरिक्त क्षमता में बरसाती पानी पहुंचने से बड़ी मात्रा में वर्षा जल का संचय हुआ।
पलड़ा, धनवापुर और दरबारीपुर के तालाबों में पहुंचा बरसाती पानी
सोमवार से लगातार तीसरे दिन बुधवार की बारिश के दौरान पलड़ा, धनवापुर और दरबारीपुर सहित कई स्थानों के तालाबों में तेजी से वर्षा जल पहुंचा। कई तालाबों में पानी का स्तर 10 से 12 फीट तक पहुंच गया। तालाबों में बरसाती पानी पहुंचने से आसपास के क्षेत्रों के ड्रेनेज सिस्टम पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करने में भी मदद मिली। वर्षा जल को तालाबों तक पहुंचाने की व्यवस्था से सड़कों एवं आबादी वाले क्षेत्रों में पानी के जमाव को कम करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
