रेवाड़ी जिले के कुंड खंड स्थित गांव सुंदरोज के शिव फार्म में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन में सात गांवों के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। सम्मेलन में सुंदरोज, ढाणी सुंदरोज, पीथड़ावास, महलावास, धामलावास, बंगड़वा और भोतवास गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे पूरा परिसर भगवा रंग में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा से हुई। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर ढोल-नगाड़ों की धुन के साथ यात्रा निकाली, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी का महा-उद्घोष: राष्ट्र साधना के 100 वर्ष” विषय पर संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि 1925 में विजयादशमी के दिन शुरू हुई राष्ट्र साधना की यात्रा आज अपने सौ वर्ष पूरे करने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व केवल उपासना पद्धति नहीं, बल्कि राष्ट्र की जीवन शक्ति है। उन्होंने समाज से सनातन संस्कृति की रक्षा और राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
इस दौरान बहन भावना ने नारी सशक्तिकरण को राष्ट्र की मजबूती की आधारशिला बताया। वहीं दलीप शास्त्री ने हिंदुत्व के गौरवशाली इतिहास और समाज की एकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में नन्हे विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सनातन संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
सम्मेलन में जिला संघचालक रामौतार गौतम, संयोजक देवेंद्र यादव, मनोज पहलवान, भीम सिंह, अमन, मनोज प्रधान, अमित, चंचल, दशरथ चौहान, नाहर सिंह, यशवंत राव और नंबरदार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

